ताज़ा खबर
 

अमेरिका को अधंकार युग की तरफ ले जाने का प्रतीक है मुस्लिम प्रतिबंध – फ्रैंक एम.इस्लाम

हाल में भारत आए इस्लाम ने आईएएनएस से एक खास मुलाकात में कहा, "मुस्लिमों पर रोक गलत, शर्मनाक और गैरसंवैधानिक है।
Author March 29, 2017 13:24 pm
भारतीय मूल के अमेरिकी परोपकारी व्यक्ति फ्रैंक इस्लाम

सरवर काशानी

यह 1970 की बात है। भारत से फखरुल इस्लाम (जिन्हें अब फ्रैंक एम.इस्लाम के नाम से जाना जाता है) अपने सपनों के साथ जब अटलांटिक पार कर अमेरिका पहुंचे तो उसने बाहें फैलाकर उनका स्वागत किया। इतना साथ दिया कि वह भारतीय मूल के सर्वाधिक पहचाने वाले व्यवसायियों में से एक माने जाने लगे। आज वही इस्लाम (53) इस बात को लेकर परेशान हैं कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा छह मुस्लिम देशों के आव्रजकों और यात्रियों के अमेरिका में प्रवेश पर रोक लगाने से देश शायद अपने ‘अंधकारपूर्ण समय’ की तरफ बढ़ रहा है। ट्रंप का कहना है कि उन्होंने यह अस्थायी प्रतिबंध अमेरिका को आतंकवाद से बचाने के लिए लगाया है।

फ्रैंक इस्लाम का संबंध उत्तर प्रदेश के छोटे शहर आजमगढ़ से है। उनका अभी भी मानना है कि ट्रंप द्वारा आव्रजकों के खिलाफ उठाए गए कदमों के बावजूद अमेरिका समावेशी समाज बना रहेगा। हाल में भारत आए इस्लाम ने आईएएनएस से एक खास मुलाकात में कहा, “मुस्लिमों पर रोक गलत, शर्मनाक और गैरसंवैधानिक है। यह वह नहीं है जो हम हैं। यह अमेरिकी मूल्य नहीं है। इस तरह का प्रतिबंध अमेरिका के अंधकारपूर्ण और कुरूप अतीत का प्रतिनिधित्व करता है। हम अमेरिकी इतिहास के एक अंधकारपूर्ण अध्याय में प्रवेश कर चुके हैं।”

उन्होंने कहा कि ट्रंप को यह समझना होगा कि अमेरिका में, विशेषकर सिलिकॉन वैली में, 35 फीसदी व्यापार आव्रजकों की वजह से है जो न केवल संपदा का निर्माण कर रहे हैं बल्कि दूसरों को रोजगार भी दे रहे हैं। व्यावसायी से परोपकारवादी बने इस्लाम ने कहा, “मैं अब भी सुनहरा क्षितिज देख रहा हूं। मुझमें आशा और उम्मीद है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि हम आज भी उम्मीदों, इच्छाओं और सपनों को जन्म दे सकते हैं, न कि डर, अवसाद और गुस्से को।” इस्लाम ने कहा कि ट्रंप उन मूल्यों के प्रतिनिधि नहीं हैं जिन पर अमेरिका खड़ा है। उन्होंने साथ ही कहा कि ‘भारत को अमेरिका से सीखना चाहिए कि सफल होने के लिए कैसे सभी को अवसर दिया जाना जरूरी है।’

अमेरिका के बाद अब कुवैत ने लगाया पाकिस्तान समेत 5 मुस्लिम देशों को वीजा जारी करने पर बैन

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.