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मधेसियों की मांगों के हल के लिए संविधान में संशोधन करेगा नेपाल

एक महत्त्वपूर्ण घटनाक्रम में नेपाल सरकार ने अनुपातिक प्रतिनिधित्व और निर्वाचन क्षेत्र परिसीमन से संबंधित मधेसियों की दो अहम मांगों का समाधान करने के लिए नए संविधान में संशोधन करने का फैसला किया है..
Author काठमांडो | December 21, 2015 23:24 pm
(फोटो-एपी/पीटीआई)

एक महत्त्वपूर्ण घटनाक्रम में नेपाल सरकार ने अनुपातिक प्रतिनिधित्व और निर्वाचन क्षेत्र परिसीमन से संबंधित मधेसियों की दो अहम मांगों का समाधान करने के लिए नए संविधान में संशोधन करने का फैसला किया है। मंत्रिमंडल की रविवार रात यहां सिंहदरबार में हुई आपात बैठक में यह फैसला किया गया। बैठक में एक राजनीतिक प्रणाली पर भी सहमति बनी जो अपने गठन के तीन महीने के भीतर प्रस्तावित प्रांतीय सीमाओं को लेकर विवाद के समाधान के लिए सुझाव देगा।

मधेसियों के आंदोलनरत राजनीतिक दल नए संविधान में प्रस्तावित सात प्रांतीय मॉडल का चार महीने से विरोध करते आ रहे हैं क्योंकि इससे उनके पुरखों के होमलैंड का इस तरह विभाजन होगा कि वे अपने ही क्षेत्र में राजनीतिक रूप से हाशिये पर पहुंच जाएंगे। उन्होंने भारत के साथ लगती सीमा व्यापार मार्गों को बंद कर रखा है जिससे देश में जरूरी वस्तुओं और दवाइयों की भारी किल्लत पैदा हो गई है।

अगस्त से जारी भारतीय मूल के मधेसियों के आंदोलन में कम से कम 50 लोगों की जान जा चुकी है। नेपाल की जनंसख्या में मधेसी 52 फीसद हैं। बैठक में नए संविधान में संशोधन से संबंधित उस विधेयक के साथ आगे बढ़ने का फैसला किया गया जो संसद में पहले ही पेश किया जा चुका है। मंत्रिमंडल की बैठक के बाद उद्योग मंत्री सोम प्रसाद पांडे ने संवाददाताओं से कहा कि इस विधेयक से विभिन्न सरकारी संगठनों में अनुपातिक समग्र प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हुआ है जिसकी आंदोलनकारी दलों ने मांग की थी।

राजनीतिक प्रणाली पर उन्होंने कहा कि यह अपने गठन के तीन माह के भीतर प्रस्तावित प्रांतीय सीमाओं को लेकर विवाद के समाधान का हल सुझाएगी। आंदोलनरत दलों के साथ विभिन्न दौर की वार्ता में तीन सूत्री प्रस्ताव पर चर्चा हुई। इन दलों ने कई आपत्तियां दर्ज की थीं और और स्पष्टीकरण मांगा था। इसी तरह इस बैठक में आंदोलनरत दलों से अपना आंदोलन बंद करने की अपील भी की गई है और कहा गया है कि उनकी मांग वार्ता के जरिए हल की जा सकती है।

पांडे ने कहा कि इन मुद्दों के अलावा नागरिकता से जुड़ी मांग और अन्य मुद्दे भी वार्ता के जरिए हल किए जा सकते हैं। इसलिए हम प्रदर्शन तत्काल वापस लेने की अपील करते हैं। प्रधानमंत्री केपी शर्मा ओली के प्रेस सलाहकार प्रमोद दहल ने कहा-‘हम आशान्वित हैं कि इस फैसले का सकारात्मक नतीजा निकलेगा।’ उन्होंने कहा कि सरकार इस मामले में आंदोलनरत मधेसी दलों के जवाब का इंतजार कर रही है।मधेसियों की मांगों के हल के लिए संविधान में संशोधन करेगा नेपाल

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