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बॉबी जिंदल ने पेश की राष्ट्रपति पद के लिए दावेदारी

लुइसियाना के भारतीय मूल के अमेरिकी गवर्नर बॉबी जिंदल ने अमेरिका के राष्ट्रपति पद के लिए 2016 में होने वाले चुनाव के सिलसिले में गुरुवार को अपनी मुहिम शुरू करते हुए ‘केवल बात करने वालों’ के बीच खुद को ‘काम करके दिखाने वाले’ नेता के रूप में पेश किया।
Author June 26, 2015 10:45 am
लुइसियाना के भारतीय मूल के अमेरिकी गवर्नर बॉबी जिंदल ने अमेरिका के राष्ट्रपति पद के लिए 2016 में होने वाले चुनाव के सिलसिले में गुरुवार को अपनी मुहिम शुरू करते हुए ‘केवल बात करने वालों’ के बीच खुद को ‘काम करके दिखाने वाले’ नेता के रूप में पेश किया।

लुइसियाना के भारतीय मूल के अमेरिकी गवर्नर बॉबी जिंदल ने अमेरिका के राष्ट्रपति पद के लिए 2016 में होने वाले चुनाव के सिलसिले में गुरुवार को अपनी मुहिम शुरू करते हुए ‘केवल बात करने वालों’ के बीच खुद को ‘काम करके दिखाने वाले’ नेता के रूप में पेश किया। इसके साथ ही उन्होंने राष्ट्रपति बराक ओबामा की स्वास्थ्य देखभाल संबंधी योजना को समाप्त करने और कट्टरपंथी इस्लाम की ‘बुराई’ को नष्ट करने का संकल्प लिया।

राष्ट्रपति पद के लिए दावेदारी पेश करने वाले पहले भारतीय-अमेरिकी जिंदल इस बार राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए दावेदारी पेश करने वाले 13वें रिपब्लिकन उम्मीदवार हैं। उन्होंने न्यू ऑरलियंस में आयोजित एक कार्यक्रम में अपनी चुनाव मुहिम की शुरुआत करते हुए कहा कि मेरा नाम बॉबी जिंदल है। मैं महान राज्य लुइसियाना का गवर्नर हूं और मैं विश्व के महानतम देश संयुक्त राष्ट्र अमेरिका के राष्ट्रपति पद के चुनाव में खड़ा हो रहा हूं। गवर्नर के रूप में जिंदल का कार्यकाल जनवरी में समाप्त होगा।

जिंदल ने 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति पद के चुनाव के लिए अपनी उम्मीदवारी की घोषणा करते हुए गुरुवार को अपने अप्रवासी अभिभावकों की सफलता की गाथा बयां की लेकिन एक बार फिर अपनी भारतीय जड़ों से दूरी बनाते हुए जोर दिया कि ‘हम अलग प्रकार के अमेरिकी नहीं बल्कि अमेरिकी हैं।

जिंदल ने कहा कि चालीस साल पहले कभी किसी विमान में सफर नहीं करने वाले एक युवा दंपति ने अमेरिका जैसी एक जगह पर आने के लिए दुनिया के एक दूसरे कोने में स्थित अपना घर छोड़ दिया। उन्होंने कहा कि पंजाब में जन्मे उनके माता पिता अमर और राज के अमेरिका आने के तुरंत बाद बैटन रोग में उनका जन्म हुआ।

जिंदल ने भारत से अमेरिका आए अपने माता पिता के सफर की ओर संकेत करते हुए कहा- उन्होंने कभी अमेरिका नहीं देखा था। उस समय इंटरनेट नहीं था लेकिन उन्होंने अमेरिकी की महानता के बारे में सुना था। दुनिया में एक ऐसी जगह थी जहां लोग आजाद थे और वास्तविक मौके उपलब्ध थे। उन्होंने कहा- वे किसी भौगोलिक जगह पर नहीं आ रहे थे। वह एक विचार की तरफ आ रहे थे और वह विचार अमेरिका है।

उनके लिए दुनिया में जो भी अच्छा था अमेरिका उसका प्रतीक था, जहां आप कड़ी मेहनत करें और नियमों से चलें तो आप आगे बढ़ सकते हैं। ऐसी जगह जहां आपके चमड़े का रंग, आप जहां जन्मे हैं वहां का पिन कोड या आपके परिवार का उपनाम मायने नहीं रखता बल्कि आपके चरित्र की विशेषता मायने रखती है।

जिंदल ने आधिकारिक रूप से राष्ट्रपति पद के चुनाव का अपना प्रचार शुरू करते हुए भारतीयों और दूसरे जातीय समूहों को अमेरिकियों से अलग नहीं देखने से जुड़ी अपनी टिप्पणियां दोहराई। उन्होंने दर्शकों की तालियों की गड़गड़ाहट के बीच कहा- मैं अलग प्रकार के अमेरिकियों की बात से उकता गया हूं। हम भारतीय-अमेरिकी, अफ्रीकी-अमेरिकी, आयरिश-अमेरिकी, धनी अमेरिकी या गरीब अमेरिकी नहीं हंै। हम सभी अमेरिकी हैं।

उन्होंने इस हफ्ते एक कार्यक्रम में इस बात पर निराशा जताई थी कि राष्ट्रपति बराक ओबामा लिंग, नस्ल, भूगोल और धर्म के माध्यम से अमेरिकियों को बांटने की कोशिश कर रहे हैं। जिंदल ने कहा था कि हम अब अलग प्रकार के अमेरिकी नहीं है। हम भारतीय-अमेरिकी, अफ्रीकी-अमेरिकी, आयरिश-अमेरिकी, धनी अमेरिकी या गरीब अमेरिकी नहीं हैं।

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