December 07, 2016

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कैंसर से पीड़‍ित लड़की को थी दोबारा जिंदा होने की उम्‍मीद, कोर्ट ने दिया लाश को दफनाने के बजाय फ्रीजर में रखने का आदेश

लड़की ने कहा, 'मैं सिर्फ 14 साल की हूं और मैं मरना नहीं चाहती, लेकिन मैं जानती हूं कि मैं मर रही हूं, मुझे लगता है कि cyro-preserved के जरिए सैकड़ों सालों में मुझे ठीक होने और उठने का मौका मिल सकता है।

कोर्ट ने दिया शरीर फ्रोजन करके रखने का अधिकार। (cryonics.org)

ब्रिटन की एक कोर्ट ने गंभीर बीमारी से ग्रसित एक लड़की को अपने शरीर को फ्रोजन करके रखने का अधिकार दिया है। कोर्ट ने यह फैसला शुक्रवार को सुनाया। लंदन की रहने वाली एक लड़की ने जज को लिखे लेटर में बताया था कि वह कैंसर से पीड़ित होने के बाद भी लंबे समय तक जीना चाहती है। उसने लिखा कि इस पर शोध करने के बाद मैंने cryonics में रहने का फैसला किया है। इस प्रक्रिया के तहत लोग अपने शरीर को इस आशा में फ्रोजन करके रखते हैं कि आगे बेहतर चिकित्सकीय सुविधाओं के कारण इंसान को फिर से जीवित किया जा सकता है।

लड़की ने कहा, ‘मैं सिर्फ 14 साल की हूं और मैं मरना नहीं चाहती, लेकिन मैं जानती हूं कि मैं मर रही हूं, मुझे लगता है कि cyro-preserved के जरिए सैकड़ों सालों में मुझे ठीक होने और उठने का मौका मिल सकता है। लड़की के पेरेंट्स का तलाक हो चुका है और उसके पिता ने बेटी की इच्छा को लेकर ऐतराज जताया था। मामले में कोर्ट ने लड़की की अपील को मंजूर करते हुए प्राइवेट सुनवाई शुरू की थी।

जज जैकसन ने अपने फैसले में कहा कि लड़की के पेरेंट्स के बीच झगड़े के आधार पर और लड़की की बेहतरी को देखते हुए इसे एक अभूतपूर्व फैसले के रूप में वर्णित किया है। उन्होंने कहा कि इस देश में यह अपना तरह का पहला मामला है और उम्मीद है कि बाकी जगह के लिए पहला मामला होगा। उन्होंने आगे कहा कि यह नया सवाल है जो कि एक उदाहरण होगा कानून पर विज्ञान का।

पिछले 8 सालों से लड़की के पिता का उससे कोई संबंध नहीं रहा है। उन्होंने फ्रोजन के खर्ज और परिणामों को लेकर चिंता जताई थी। उनका कहना था कि अगर इलाज सफल रहता है और 200 साल में उसकी जिंदगी वापस लाई जा सकती है तो वह अपने किसी रिश्तेदार का पता नहीं कर पाएगी और न ही उसे कुछ याद होगा। हालांकि एक पिता के तौर उन्हें अपनी बेटी के फैसले का सम्मान करना चाहिए।

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First Published on November 18, 2016 2:02 pm

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