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जेल से छूटा मुंबई हमले का मुख्य षड्यंत्रकारी लखवी

लश्कर ए तैयबा के कमांडर और 26/11 मुंबई हमले के दौरान एक नियंत्रण कक्ष से आतंकी संगठन के 10 बंदूकधारियों को निर्देश देने वाले जकी उर रहमान लखवी को छह साल हिरासत में गुजारने के बाद शुक्रवार को रिहा कर दिया गया। गुरुवार को पाकिस्तान की एक अदालत ने उसकी रिहाई का आदेश दिया था। […]
Author April 11, 2015 08:35 am
लखवी की रिहाई का भारत ने किया विरोध (फोटो: एपी)

लश्कर ए तैयबा के कमांडर और 26/11 मुंबई हमले के दौरान एक नियंत्रण कक्ष से आतंकी संगठन के 10 बंदूकधारियों को निर्देश देने वाले जकी उर रहमान लखवी को छह साल हिरासत में गुजारने के बाद शुक्रवार को रिहा कर दिया गया। गुरुवार को पाकिस्तान की एक अदालत ने उसकी रिहाई का आदेश दिया था। लाहौर हाई कोर्ट (एलएचसी) से आदेश मिलने के बाद मुंबई हमले के मास्टरमाइंड 55 साल के लखवी को रावलपिंडी के अदियाला जेल से रिहा किया गया।

भारत ने अदालत के फैसले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा था कि इससे सीमा पार आतंकवाद पर पाकिस्तान द्वारा उसे बार बार दिए गए भरोसे की कीमत ‘खत्म’ हुई है।

लखवी की कानूनी टीम के एक सदस्य ने शुक्रवार को जेल अधिकारियों को एलएचसी का आदेश सौंपा और इसके बाद दोपहर एक बजकर 40 मिनट पर लखवी को रिहा कर दिया गया। लखवी की अगवानी के लिए जमात उद दावा के समर्थक जेल के बाहर खड़े थे। दोपहर करीब एक बजे चार-पांच कारें अदियाला जेल के बाहर पहुंची और लखवी बाहर आते ही अपनी कार में बैठकर इस्लामाबाद स्थित अपने घर के लिए रवाना हो गया।

संपर्क करने पर जमात उद दावा के प्रवक्ता याह्या मुजाहिद ने लखवी की रिहाई पर कोई टिप्पणी नहीं की। जेल के एक अधिकारी ने कहा कि हमने लखवी की कानूनी टीम के एक सदस्य द्वारा एलएचसी का आदेश पेश करने के बाद उसे रिहा कर दिया। उसे हिरासत में लेने या रिहा करने के लिए सरकार की ओर से कोई आदेश नहीं आया था। एलएचसी ने गुरुवार को एक सुरक्षा अधिनियम के तहत लखवी को हिरासत में लेने के पंजाब सरकार के आदेश को निलंबित कर दिया था और उसकी तत्काल रिहाई का आदेश दिया था।

इससे पहले दिन में सरकार की कानूनी टीम ने लखवी को जेल में रखने के कई विकल्पों पर चर्चा की। हालांकि वह उसे आगे भी हिरासत में रखने का कोई कानूनी आधार सामने नहीं रख पाई। एक सरकारी कानूनी अधिकारी ने इससे पहले कहा कि सरकार के लिए लखवी को एक बार फिर ‘मेंटेनेंस आॅफ पब्लिक आॅर्डर (सार्वजनिक व्यवस्था बनाए रखने) के तहत हिरासत में रखने का विकल्प अपनाना मुश्किल है। इसे इस्लामाबाद और लाहौर हाई कोर्ट में दो बार खारिज किया जा चुका है।

लखवी के वकील राजा रिजवान अब्बासी ने कहा कि लाहौर हाई कोर्ट की ओर से मेरे मुवक्किल की हिरासत खारिज किए जाने के बाद अब सरकार के पास उसे रिहा करने के अलावा कोई अन्य ‘कानूनी विकल्प’ नहीं बचा है। न तो सरकार और न ही अदियाला जेल प्रशासन इस समय अदालत के आदेश का उल्लंघन कर सकते हैं।

लखवी और छह अन्य पर 2008 के मुंबई हमले की योजना बनाने और उसे अंजाम देने का मामला दर्ज है। इस हमले में 166 लोग मारे गए थे जबकि 300 से ज्यादा घायल हुए थे। लश्कर ए तैयबा के संस्थापक और जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज सईद के करीबी रिश्तेदार लखवी को दिसंबर, 2008 में गिरफ्तार किया गया था और 26/11 हमले के सिलसिले में 25 नवंबर, 2009 को छह अन्य के साथ उसे अभ्यारोपित किया गया था। मामले में 2009 से सुनवाई चल रही है।

 

 

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