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क्या हैं टॉमहॉक मिसाइलें जिनसे अमेरिका 1000 मील दूर से ही दुश्मन के खेमे में कोहराम मचा देता है

टॉमहॉक्स मिसाइलें 20 फीट लंबी होती हैं और इनका वजन 3000 पौंड होता है। इस मिसाइल को शिप और पनडूब्बी से फायर किया जा सकता है।
US नेवी द्वारा जारी किये गये इस तस्वीर में USS पोर्टर भूमध्य सागर से सीरिया पर टॉमहॉक मिसाइल दाग रहा है। (Source-AP)

अमेरिका ने सीरिया पर टॉमहॉक मिसाइलें दाग कर दुनिया में सनसनी मचा दी है। रिपोर्ट के मुताबिक अमेरिका ने भूमध्य सागर से टॉमहॉक मिसाइलें सीरिया पर दागी है। ये हमले भूमध्य सागर में गश्त लगा रही अमेरिकी युद्ध पोत से की गई है। दरअसल सीरिया की असद सरकार द्वारा केमिकल अटैक का जवाब देने के लिए ट्रम्प प्रशासन ने अपने सबसे मारक हथियार टॉमहॉक को चुना है। आइए हम आपको बताते हैं कि टॉमहॉक मिसाइलों से जुड़ी खास बातें।

1. दरअसल शीत युद्ध के दौरान अमेरिकी नेवी के पास दुनिया के दो सबसे खतरनाक एंटी शिप मिसाइल थे। हारपून और द टॉमहॉक, इन दो मिसाइलों के जरिये अमेरिकी की रणनीति तत्कालीन सोवियत रूस से टक्कर लेने की थी।

2. टॉमहॉक मिसाइलें 20 फीट लंबी होती हैं और इनका वजन 3000 पौंड होता है। इस मिसाइल को शिप और पनडूब्बी से फायर किया जा सकता है। ये मिसाइलें 600 मील तक जा सकती हैं, इसके बाद इनकी उड़ान गोलाकार हो जाती है, इस दौरान टॉमहॉक मिसाइलें अपने टारगेट ढूंढ़ती है और उससे टकरा जाती है।

3. 1991 में सोवियत रूस के विघटन के बाद अमेरिका ने अपना ध्यान समुद्री जंग से से हटाकर जमीनी तैयारी पर लगाया। इसने इराक़, सर्बिया, अफगानिस्तान, लीबिया और सीरिया पर मिसाइल और हवाई हमले किये।

सीरिया पर टॉमहॉक्स मिसाइलों से हमले का वीडियो

4. जब अमेरिका को यकीन हो गया कि अब समुद्री जंग का खतरा नहीं है तो नेवी ने पूराने टॉमहॉक मिसाइलों को डिकमीशन कर दिया इसके साथ ही अपने युद्ध पोतों और विमानों से हारपून मिसाइलों को हटा लिया।

5. इसके बाद अमेरिका ने टॉमहॉक मिसाइलों के नये वर्जन को विकसित करने लगा। टॉमहॉक मिसाइले अभी भी जमीन पर मौजूद ठिकानों पर हमला करने के लिए अमेरिका का पसंदीदा मिसाइल है। 2015 में कैलिफोर्निया के समुद्र तट पर एक टेस्ट में अमेरिकी नेवी इंजीनियरों ने टॉमहॉक मिसाइलों में संशोधन किये और इसमें ऐसे यंत्र लगाये तो चलते हुए लक्ष्य को टारगेट कर सकता था।

6. अमेरिकी प्रशासन ने इस टेस्ट को गेम चेंजर बताया था। और इसे 1000 मील की दूरी से मार करने वाला क्रूज मिसाइल बताया था। 2017 के बजट में अमेरिका ने 187 मिलियन डॉलर की लागत से 100 और टॉमहॉक मिसाइलों को विकसित करने का प्रस्ताव रखा है।

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