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पाकिस्तानी सेना के लिए ‘पैसा कमाने की मशीन’ है कश्मीर

गिलगित बलतिस्तान नेशनल कांग्रेस के निदेशक सेंगे सेरिंग ने आरोप लगाया, ‘भारतीय कश्मीर में विस्फोटकों और अन्य चीजों के साथ पाकिस्तान के गुर्गे हैं।’
Author वाशिंगटन | October 7, 2016 14:23 pm
जम्मु से 55 किमी दूर अखनूर सेक्टर के गखरियल के पास भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर निगरानी में तैनात सीमा सुरक्षा बल का एक जवान। (PTI/File)

गिलगित बलतिस्तान के एक प्रतिष्ठित कार्यकर्ता ने कहा है कि कश्मीर पाकिस्तानी सेना के लिए ‘पैसा कमाने की मशीन’ है, जो घाटी में यथास्थिति बरकरार रखना चाहती है। उन्होंने चुटकी लेते हुए कहा कि जो गिलगित में ‘चोर’ है वह जम्मू-कश्मीर में दोस्त नहीं हो सकता है। गिलगित बलतिस्तान नेशनल कांग्रेस के निदेशक सेंगे सेरिंग ने आरोप लगाया, ‘भारतीय कश्मीर में विस्फोटकों और अन्य चीजों के साथ पाकिस्तान के गुर्गे हैं।’ सेरिंग ने कहा, ‘जब भी पैसा खत्म होता है, आप ब्लैकमेल के साथ, रूस से वार्ता, चीन से वार्ता के साथ सामने आ जाते हैं। मैं अमेरिका से गुजारिश करता हूं कि वह दुष्चक्र से बाहर आए। पाकिस्तान किसी भी देश के लिए अच्छा नहीं है और इसने अमेरिका के लिए अच्छा नहीं किया है।’

उन्होंने आरोप लगाया, ‘आप (पाकिस्तान) कश्मीर के एक तिहाई हिस्से पर काबिज हैं। कोई कब्जावर कश्मीर का दोस्त नहीं हो सकता। आपने गिलगित बलतिस्तान के संसाधनों का शोषण कर रहे हैं वह भी किसी रॉयल्टी या मुआवजे दिए बिना। मैं आपको गिलगित बलतिस्तान में चोर कहता हूं। गिलगित बलतिस्तान का चोर जम्मू कश्मीर में दोस्त नहीं हो सकता।’ उन्होंने आरोप लगाया कि पाकिस्तानी सेना के लिए कश्मीर ‘पैसा कमाने की मशीन है,’ जिसकी यथास्थिति वह कायम रखना चाहती है। जनमत संग्रह के लिए सुरक्षा परिषद् के प्रस्ताव को लागू करने की मांग करने वाले पाकिस्तान को पहले अपनी पूर्व शर्त को पूरा करना चाहिए जो यह है कि पाकिस्तान को क्षेत्र खाली कर भारत के हवाले करना चाहिए।

सेरिंग ने आरोप लगाया, ‘अफगानिस्तान और कश्मीर में आप दोहरी बात कर रहे हैं और अमेरिका को इसे उजागर करने की जरूरत है।’ सेरिंग और पाकिस्तान के अन्य प्रवासियों की ऐसी टिप्पणियां कश्मीर पर प्रधानमंत्री के विशेष दूत मुशाहिद हुसैन सईद और शजरा मनसब के साथ बातचीत में की गईं। इनको लेकर अमेरिका के थिंक टैंक अटलांटिक काउंसिल ने एक कार्यक्रम आयोजित किया था। अहमर मुस्ती खान ने कहा कि वह अमेरिका के नागरिक हैं और पाकिस्तान के कब्जे वाले बलूचिस्तान से प्रवास करके आए हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तानी सेना बलूचिस्तान में अपने लोगों के खिलाफ जो कार्रवाई कर रही है उसके सामने कश्मीर फीका पड़ जाता है।

खान ने कहा, ‘आप जो बलूचिस्तान में कर रहे हैं उसके सामने कश्मीर फीका पड़ जाता है। आपकी सेना और आईएसआई एक समस्या है। कृपया इसे मानें।’ खान ने आरोप लगाया कि छह हजार बलूच लोगों को मार दिया गया है। सिंध के सुफी लगारी ने आरोप लगाया कि जेयूडी प्रमुख हाफीज सईद जैसे आतंकवादी देश में आईएसआई के संरक्षण में खुले घूम रहे हैं। पाकिस्तानी प्रवासी समुदाय के सवालों की प्रतिक्रिया पर मुशाहिद हुसैन सईद ने कहा कि जब कभी मानवाधिकार उल्लंघन का खुलासा होता है या आरोप लगते हैं तो उनकी पाकिस्तान में सार्वजनिक तौर पर निंदा की जाती है।

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