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जापान देगा चीन को जवाब, भारत, अमेरिका और आस्ट्रेलिया संग मिलकर बनाएगा एशिया से अफ्रीका तक हाई स्पीड रोड नेटवर्क

जापान की इस अहम रणनीतिक परियोजना से भारत को फायदा पहुंचेगा।
पीएम नरेन्द्र मोदी और जापान के प्रधानमंत्री शिंजो आबे ।(फोटो-पीटीआई)

चीन को करारा जवाब देने के लिए जापान ने रणनीति तैयार कर ली है। चीन के ‘वन बेल्ट वन रोड’ (OBOR) प्रोजेक्ट के जवाब में जापान ने भारत, आस्ट्रेलिया और अमेरिका के साथ मिलकर एशिया से अफ्रीका तक हाई स्पीड रोड नेटवर्क और बंदरगाह बनाने की योजना बनाई है। जापानी विदेश मंत्री तारो कोनो ने गुरुवार (26 अक्टूबर) को जापान के एक अखबार को बताया कि जापान के प्रधानमंत्री शिंजो अबे आगामी 6 नवंबर को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप से इस प्रोजेक्ट का आइडिया शेयर करेंगे।

माना जा रहा है कि जापान की इस अहम रणनीतिक परियोजना से भारत को फायदा पहुंचेगा। इस क्रॉस बॉर्डर इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट से भारत चीन के ओबीओआर परियोजना को टक्कर दे सकता है, जो पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर से होते हुए पाकिस्तान तक जाएगा। भारत शुरू से ही चीन के इस प्रोजेक्ट का विरोध करता रहा है। जापानी विदेश मंत्री का यह बयान अमेरिकी मंत्री रेक्स टिलरसन के उस बयान के बाद आया है, जिसमें अमेरिकी मंत्री ने कहा था कि नई दिल्ली और वॉशिंगटन चीन को जवाब देने के लिए दक्षिण एशिया से एशिया-प्रशांत क्षेत्र तक बंदरगाह और सड़क बनाना चाहिए।

टिलरसन गुरुवार को नई दिल्ली में थे। उन्होंने इस दौरान बांग्लादेश से अफगानिस्तान तक सड़क बनाने की वकालत की थी। उन्होंने इस प्रोजेक्ट में पाकिस्तान को भी साथ आने की बात कही थी। टिलरसन ने भारत दौरे से लौटने के क्रम में पत्रकारों को बताया कि अमेरिका भारत, जापान और आस्ट्रेलिया को इंडो-पैसेफिक क्षेत्र में शांति बहाली के लिए आमंत्रित करता है। उन्होंने कहा कि भारत के साथ इस संबंध में अगले स्तर की बातचीत अपेक्षित है।

गौरतलब है कि भारत ने OBOR प्रोजेक्ट को लेकर बीजिंग में आयोजित बैठक का भी बहिष्कार किया था। चीन को पता है कि बिना भारत का साथ लिए वह अपनी इस महत्वाकांक्षी परियोजना को पूरा नहीं कर सकता है, इसलिए उसने भारत को भी इस प्रोजेक्ट में शामिल होने को कहा है। गुरुवार (26 अक्टूबर) को  फिर से चीन ने कहा था कि भारत अपनी आपत्तियों को दरकिनार कर वन बेल्ट वन रोड परियोजना में शामिल हो जाय।

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