December 04, 2016

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जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है, अल्जीरिया ने भारत से कहा

उपराष्ट्रपति ने बताया कि दो देशों के पांच दिवसीय दौरे के दौरान उन्होंने अल्जीरिया और हंगरी के शीर्ष नेतृत्व के साथ आतंकवाद के मुद्दे पर चर्चा की।

Author विशेष विमान एयर इंडिया वन से | October 20, 2016 13:44 pm
उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी (फाइल फोटो)

पाकिस्तान द्वारा सीमा पार आतंकवाद को लगातार समर्थन देने के कारण भारत और पाकिस्तान के बीच संबंधों में बढ़ रहे तनाव के बीच अल्जीरिया ने स्पष्ट रूप से कहा है कि जम्मू और कश्मीर भारत का अभिन्न हिस्सा है और आतंकवाद चाहे किसी भी रूप में हो उसका सफाया किया जाना चाहिए। अल्जीरिया ने यह बात उत्तर अफ्रीका के इस देश में दो दिवसीय दौरे पर आए भारत के उपराष्ट्रपति हामिद अंसारी से कही। असांरी के साथ दौरे पर गए एक वरिष्ठ अधिकारी के मुताबिक द्विपक्षीय वार्ता में अल्जीरिया के प्रधानमंत्री अब्देलमालेक सेलाल ने उपराष्ट्रपति से कहा कि उनका देश जम्मू-कश्मीर पर भारत के रुख का पूरा समर्थन करता है। हालांकि दोनों ही पक्षों की ओर से पाकिस्तान का सीधे तौर पर नाम नहीं लिया गया। नई दिल्ली हमेशा से जम्मू-कश्मीर को भारत का अभिन्न हिस्सा बताता आया है और पाकिस्तान पर सीमापार आतंकवाद प्रायोजित करने का आरोप लगाता रहा है।

विमान में उपराष्ट्रपति ने बताया कि दो देशों के पांच दिवसीय दौरे के दौरान उन्होंने अल्जीरिया और हंगरी के शीर्ष नेतृत्व के साथ आतंकवाद के मुद्दे पर चर्चा की। अंसारी से पूछा गया कि दोनों देशों के साथ द्विपक्षीय वार्ता में क्या तीसरे देश द्वारा जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद को समर्थन देने का मुद्दा भी उठा था, तो इस पर उन्होंने कहा, ‘वह तीसरा देश कौन है यह हर कोई जानता है। यह साफ जाहिर है। किसी देश का नाम लेने की जरूरत नहीं है।’ उप राष्ट्रपति के मुताबिक हंगरी और अल्जीरिया के नेतृत्व के साथ आतंकवाद के मुद्दे पर चर्चा हुई और उनका मानना था कि पूरी दुनिया के लिए यह एक बीमारी की तरह है और यह चाहे जिस भी रूप में हो, इसका सफाया किया जाना चाहिए।

उप राष्ट्रपति हामिद अंसारी ने कहा कि अल्जीरिया भी आतंकवाद का सामना कर चुका है और लाखों लोगों की जान की कीमत तथा कई साल के प्रयासों के बाद जाकर इसका खात्मा हो सका है। उन्होंने कहा, ‘अल्जीरिया में ऐसा एक भी परिवार नहीं होगा जिसका कोई न कोई सदस्य आतंकवाद की बलि नहीं चढ़ हो।’ उप राष्ट्रपति का इन दोनों देशों का दौरा लंबे समय बाद हो पाया है। इससे पहले 1993 में तत्कालीन राष्ट्रपति शंकर दयाल शर्मा हंगरी गए थे जबकि एक वरिष्ठ पदाधिकारी नेता 1985 में अल्जीरिया गए थे। अंसारी ने दौरे पर गए संवाददताओं से कहा, ‘दोनों देशों में राजनीतिक दौरा नहीं हो पाया था ऐसे में यह दौरा पुराने संबंधों में ताजगी भरने के लिए किया गया है। विभिन्न मुद्दों पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। यह दौरा संतोषजनक रहा।’

अंसारी ने बताया कि हंगरी के साथ दो समझौते हुए हैं जिनमें से एक जल प्रबंधन से जुड़ा हुआ है। अल्जीरिया में साझा खाद संयंत्र की स्थापना की संभावना पर महत्वपूर्ण बैठक हुई। यह बैठक खाद तथा रसायन मंत्री मनसुख एल मंडाविया और अल्जीरिया के उद्योग तथा खनन मंत्री अब्देसलेम बाउचोउयरेब के बीच हुई। अल्जीरिया में साझा खाद कंपनी की स्थापना होने की दशा में भारत में खाद की कीमतें कम हो जाएंगी जिससे सरकार पर से खाद में दी जाने वाली सब्सिडी का भार भी कम होगा। अंसारी ने कहा, ‘खाद संयंत्र भोजन सुरक्षा को लेकर हमारे प्रयासों का हिस्सा है।’ उप राष्ट्रपति ने कहा कि फॉस्फेट, खाद, रक्षा, सुरक्षा, परमाणु ऊर्जा और अंतरिक्ष का शांतिपूर्ण उपयोग आदि क्षेत्रों में भविष्य के सहयोग पर महत्वपूर्ण चर्चा हुई। हंगरी के राष्ट्रपति जानोस अदेर, प्रधानमंत्री विक्टर आरॅरबान और अन्य शीर्ष नेतृत्व के दौरान बातचीत में दोनों देशों ने आतंकवाद के सफाए का समर्थन किया और इस खतरे से निबटने के लिए वैश्विक स्तर की कानूनी रूपरेखा तथा स्थायी वैश्विक कदम उठाए जाने की मांग की।

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First Published on October 20, 2016 1:44 pm

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