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ईरान की अमेरिका को चेतावनी, मिसाइल मुद्दे पर नया तनाव पैदा नहीं करो

परमाणु आयुध ले जा सकने में सक्षम बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण प्रतिबंधित करने का संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव ईरान पर केंद्रित है।
Author , तेहरान/वॉशिंगटन | January 31, 2017 17:44 pm
फारस की खाड़ी में तेल उत्पादक इलाके के निकट लहराता ईरान का झंडा। (REUTERS/Raheb Homavandi/File Photo/25 July, 2005)

ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद जवाद जरीफ ने मंगलवार (31 जनवरी) को अमेरिका को आगाह किया कि वह बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण पर उसके साथ नया तनाव पैदा नहीं करे। जरीफ ने ईरान की यात्रा पर आए फ्रांस के विदेश मंत्री जियां-मार्क आयरो के साथ एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘हम उम्मीद करते हैं कि नया अमेरिकी प्रशासन ईरान के रक्षा कार्यक्रम का उपयोग…नया तनाव पैदा करने के किसी बहाने के तौर पर नहीं करेगा।’ अमेरिका ने मध्यम दूरी तक मार करने वाली ईरान की मिसाइल के हाल के परीक्षण पर कल संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद की आपात बैठक बुलाई है। बुधवार को ईरानी मिसाइल परीक्षण पर चर्चा होगी।

इस बीच, एपी की एक रिपोर्ट के अनुसार जरीफ ने इस बात की पुष्टि या इनकार करने से मना कर दिया कि ईरान ने कोई मिसाइल परीक्षण किया है। उन्होंने कहा कि मिसाइल कार्यक्रम 2015 के ऐतिहासिक समझौते का हिस्सा नहीं है जो विश्व शक्तियों के साथ उनके देश ने किया था। उधर, व्हाइट हाउस ने सोमवार (30 जनवरी) को कहा कि वह ईरानी बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण के ब्योरे का अध्ययन कर रहा है।

ईरान ने बैलिस्टिक मिसाइल का किया परीक्षण – अमेरिका

व्हाइट हाउस ने कहा कि वह ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल परीक्षण से जुड़ी जानकारियों का अध्ययन कर रहा है। व्हाइट हाउस के प्रेस सचिव सीन स्पाइसर ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि परीक्षण ‘वास्तव में किस प्रकार’ का था और उन्हें इस पर और जानकारी मिलने की उम्मीद है। एक रक्षा अधिकारी ने सोमवार (30 जनवरी) को कहा था कि मिसाइल परीक्षण पृथ्वी के वायुमंडल में पुन: प्रवेश के दौरान ‘असफल’ हो गया। अधिकारी के पास मिसाइल के प्रकार समेत इससे जुड़ी अन्य कोई जानकारी मौजूद नहीं थी। अधिकारी का पास इस पर बात करने की अनुमति नहीं थी उन्होंने नाम न प्रकाशित करने की शर्त पर यह जानकारी दी।

परमाणु आयुध ले जा सकने में सक्षम बैलिस्टिक मिसाइलों के परीक्षण प्रतिबंधित करने का संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद का प्रस्ताव ईरान पर केंद्रित है। वर्ष 2015 परमाणु समझौते के तहत संयुक्त राष्ट्र द्वारा लगाए प्रतिबंध की अवधि आठ साल है लेकिन ईरान इसे लगातार नजरअंदाज करता रहा है। गृह मंत्रालय के प्रवक्ता मार्क टोनर ने कहा कि अमेरिका यह पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि परीक्षण से संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के प्रस्ताव का उल्लंघन हुआ है या नहीं।

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