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अमेरिका में भारतीय मूल की CEO पर केस- बीमार नौकरानी को कुत्ते के बगल में सुलाने, भूखा रखने के आरोप

हिमांशु स्यू भाटिया की कंपनी रोज इंटरनेशनल का साल 2011 में राजस्व 2300 करोड़ रुपये से ज्यादा था।
हिमांशु स्यू भाटिया की फाइल फोटो। (scmsdc dot org से साभार)

एक अमेरिकी आईटी स्टाफिंग एंड कंसल्टिंग कंपनी की भारतीय मूल की सीईओ पर अपने घरेलू सहायक के साथ बेरहमी भरा सलूक करने का मामला दर्ज किया गया है। अमेरिका के श्रम मंत्रालय की शिकायत के अनुसार रोज इंटरनेशनल की सीईओ हिमांशु स्यू भाटिया इस घरेलू सहायक को भारत से लाई थीं। विभाग के अनुसार भाटिया अपने सहायक को 400 अमेरिकी डॉलर (करीब 26 हजार रुपये), खाना और रहने की लिए जगह देती थीं। वो सहायक से पूरे हफ्ते हर रोज साढ़े 15 घंटे काम लेती थीं। शीला निंगवाल नामक ये घरेलू सहायक भाटिया के सैन जुआन स्थित घर पर काम करती थी। भाटिया उसे अपने मियामी, लास वेगास और कैलिफोर्निया के लॉन्ग बीच स्थित आलीशान घरो में भी काम के लिए ले जाती थीं।

अमेरिकी श्रम मंत्री थॉमस ई पेरेज़ ने 22 अगस्त को कैलिफोर्निया की एक स्थानीय अदालत में भाटिया पर निंगवाल के साथ बेरहमी भरा सलूक करने और प्रताड़ित करने की शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के अनुसार जब निंगवाल बीमार हो जाती थीं तो भाटिया उन्हें अपने गैराज में एक चटाई पर अपने कुत्ते के बगल में सोने के लिए मजबूर करती थीं। भाटिया पर आरोप है कि जब वो कई दिनों के लिए बाहर जाती थीं तो निगंवाल के खाने की व्यवस्था नहीं करती थीं। आरोपों के अनुसार भाटिया ने मिंगवाल का पासपोर्ट अपने कब्जे में ले लिया था। वो उन्हें कहीं आने जाने नहीं देती थीं। घर से दूर उन्हें तभी जाने दिया जाता था जब उन्हें भाटिया के मियामी स्थित पेंटहाउस में घरेलू काम करना होता था।

शिकायत के अनुसार दिसंबर 2014 में भाटिया ने निंगवाल को इंटरनेट पर “श्रम कानून” के बारे में जानकारी सर्च करते हुए देखा उसके बाद उन्होंने उनसे एक कागजात पर दस्तखत करने के लिए कहा तो निंगवाल ने इनकार कर दिया। निंगवाल के अनुसार कागजात पर लिखा था कि भाटिया उन्हें पर्याप्त तनख्वाह देती हैं और उनके बीच नौकरी से जुड़ा कोई विवाद नहीं है। दस्तखत करने से मना करने के बाद भाटिया ने निंगवाल को नौकरी से निकाल दिया। मंत्रालय के संबंधित विभाग की जांच में पता चला है कि भाटिया ने जुलाई 2012 से दिसंबर 2014 के बीच अमेरिकी श्रम कानूनों का उल्लंघन किया था।

दिल्ली में पली बढ़ी भाटिया 1987 में पढ़ाई करने अमेरिका चली गई थीं। पढ़ाई के बाद उन्होंने अमेरिका में ही नौकरी करनी शुरू कर दी। 1993 में उन्होंने रोज़ इंटरनेशनल की स्थापना की। उन्हें अग्रणी भारतीय-अमेरिकी महिला एंटरप्रेन्योर में माना जाता है। साल 2011 में रोज इंटरनेशनल का सालाना राजस्व 2300 करोड़ रुपये से ज्यादा था।

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