December 05, 2016

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अपने अपने दूतों को अस्थायी रूप से वापस बुला सकते हैं भारत, पाकिस्तान

जासूसी प्रकरण पर ताजा राजनयिक तनातनी के मद्देनजर भारत एवं पाकिस्तान संबंधों में ताजा तल्खी का संकेत देते हुए अपने उच्चायुक्तों को अस्थायी रूप से वापस बुला सकते हैं और एक दूसरे के मिशनो में राजनयिक स्टाफ की संख्या कम कर सकते हैं।

Author November 4, 2016 15:41 pm
पाकिस्तान उच्चायुक्त अब्दुल बासित। (फाइल फोटो)

जासूसी प्रकरण पर ताजा राजनयिक तनातनी के मद्देनजर भारत एवं पाकिस्तान संबंधों में ताजा तल्खी का संकेत देते हुए अपने उच्चायुक्तों को अस्थायी रूप से वापस बुला सकते हैं और एक दूसरे के मिशनो में राजनयिक स्टाफ की संख्या कम कर सकते हैं। एक मीडिया रिपोर्ट में शुक्रवार (4 नवंबर) को यह बात कही गई। ‘एक्सप्रेस ट्रिब्यून’ ने कहा कि तनातनी की ताजा स्थिति पिछले सप्ताह उस समय शुरू हुई जब नयी दिल्ली में पाकिस्तान के उच्चायोग के एक कर्मचारी को पुलिस ने जासूसी संबंधी आरोपों को लेकर पूछताछ के लिए हिरासत में लिया। समाचार पत्र ने कहा कि संबंधों में इस ताजा तल्खी के मद्देनजर दोनों पड़ोसी देश अपने राजनयिक स्टाफ की संख्या कम कर सकते हैं। कथित जासूसी गतिविधि के मामले में दोनों देशों द्वारा जैसे को तैसे की कार्रवाई के तहत राजनयिक स्टाफ का नाम लेने से तनाव गहरा गया।

वीडियो: जासूसी के आरोप में पकड़े गए पाकिस्तान उच्चायोग के अधिकारी को छोड़ा गया; पाकिस्तानी हाई कमिश्नर अब्दुल बासित तलब

पाकिस्तानी उच्चायोग में वीजा अधिकारी के तौर पर काम कर रहे महमूद अख्तर को बाद में भारत से निष्कासित कर दिया गया था। समाचार पत्र ने कहा, ‘‘हालांकि भारत ने नयी दिल्ली की सरकार द्वारा बल प्रयोग करके अख्तर से प्राप्त किए गए बयान का इस्तेमाल करके अन्य पाकिस्तानी कर्मियों को भी फंसाया। मीडिया में ऐसे कम से कम छह अधिकारियों की पहचान लीक की गई जिससे उनकी सुरक्षा खतरे में पड़ गई। इस कदम के कारण पाकिस्तान को उन्हें नयी दिल्ली से वापस बुलाना पड़ा।’’
उसने कहा कि जैसे को तैसे की कार्रवाई प्रतीत होने वाले कदम के तहत पाकिस्तान ने कल दावा किया कि इस्लामाबाद में भारत के उच्चायोग में तैनात आठ अधिकारी रॉ एवं आईबी के एजेंट है। इस खुलासे के बाद नयी दिल्ली के पास इन अधिकारियों को वापस बुलाने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा।

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First Published on November 4, 2016 3:40 pm

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