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रोहिंग्या मुसलमानों को भारत से बाहर निकालने की कोशिशों पर बिफरी संयुक्त राष्ट्र की संस्था, भारत को याद दिलाए अंतर्राष्ट्रीय कानून

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने ये भी कहा कि म्यांमार में अल्पसंख्यक रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ हिंसा और अन्याय ‘‘नस्ली सफाये’’ की मिसाल मालूम पड़ती है।
रोहिंग्या मुसलमानों के समर्थन में कोलकाता में 7 सितंबर को म्यांमार काउंसलेट के बाहर प्रदर्शन करते लोग। (Express Photo by Partha Paul)

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख जैद राद अल हुसैन रोहिंग्या मुसलमानों को भारत से वापस भेजने की मोदी सरकार की कोशिशों की निंदा की है। अल हुसैन ने कहा कि ,’भारत के गृह राज्य मंत्री ने कथित रूप से बयान दिया है कि चूंकि भारत पर रिफ्यूजी कन्वेंशन पर हस्ताक्षर करने वाला देश नहीं है इसलिए भारत इस मामले पर अंतर्राष्ट्रीय कानून से हटकर काम कर सकता है, लेकिन बुनियादी मानव करुणा के साथ।’ संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख के मुताबिक भारत का ये कदम अतंर्राष्ट्रीय कानूनों और प्रावधानों के विधिसंगत नहीं होगा। उन्होंने कहा, ‘ हालांकि प्रचलित कानून के आधार पर भारत रोहिंग्या मुसलमानों का उन देशों या उन इलाकों में सामूहिक निष्कासन नहीं कर सकता है जहां उन पर अत्याचार होने की आशंका है या फिर उन्हें निशाना बनाया जा सकता है।’ सरकारी आंकड़ों के मुताबिक इस वक्त भारत में 40 हजार रोहिंग्या मुसलमान रहते हैं इनमें से 16 हजार लोगों ने शरणार्थी दस्तावेज भी हासिल कर लिये हैं।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख जैद राद अल हुसैन मानवाधिकार से जुड़े एक मीटिंग में शिरकत करने स्विटजरलैंड के जेनेवा पहुंचे। (फोटो-रायटर्स)

इसके अलावा संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख ने ये भी कहा कि म्यांमार में अल्पसंख्यक रोहिंग्या समुदाय के खिलाफ हिंसा और अन्याय ‘‘नस्ली सफाये’’ की मिसाल मालूम पड़ती है। संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद के सत्र को संबोधित करते हुए जैद राद अल हुसैन ने पहले 11 सितंबर, 2001 को अमेरिका में हुए आतंकी हमले की बरसी का उल्लेख किया और फिर म्यामां में मानवाधिकार की स्थिति को लेकर चिंता प्रकट की। उन्होंने बुरूंडी, वेनेजुएला, यमन, लीबिया और अमेरिका में मानवाधिकार से जुड़ी चिंताओं के बारे में बात की। जैद ने कहा कि हिंसा की वजह से म्यांमार से 270,000 लोग भागकर पड़ोसी देश बांग्लादेश पहुंचे हैं और उन्होंने ‘सुरक्षा बलों और स्थानीय मिलीशिया द्वारा रोंहिंग्या लोगों के गांवों को जलाए जाने’ और न्याय से इतर हत्याएं किए जाने की खबरों और तस्वीरों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने कहा, ‘‘चूंकि म्यामां ने मानवाधिकार जांचकर्ताओं को जाने की इजाजत नहीं दी है, मौजूदा स्थिति का पूरी तरह से आकलन नहीं किया जा सकता, लेकिन यह स्थति नस्ली सफाए का उदाहरण प्रतीत हो रही है।’’ उधर, संयुक्त राष्ट्र शरणार्थी एजेंसी ने कहा है कि म्यामां के रखाइन प्रांत में ताजा हिंसा की वजह से 25 अगस्त से अब तक 3,13,000 रोहिंग्या बांग्लादेश की सीमा में दाखिल हो चुके हैं। म्यांमार के मध्य हिस्से में एक मुस्लिम परिवार के मकान पर पथराव करने वाली भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने रबर की गोलियां चलाईं। भीड़ ने मागवे क्षेत्र में रविवार रात हमला किया।

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  1. D
    Deep kumar
    Sep 11, 2017 at 8:50 pm
    Janav husen sahav ko kafi taklif ho rahi hain ki Bharat aapake in bechare logo KO vapas bhej raha hain , to Bhai jaan KO ye bhi pata hoga esa hi kuchh Kashmir main kashmiri panditon me saath bhi esa hi huaa tha ye bhi ek nasli saphaya tha , Bangladesh main bhi alpsakhyak hinduon me saath esa hi huaa pr n to in main kisi ki aawaz udhi n kisi Muslim ki jaban nahi khuli kiyo bhai kya sirph musalman hi insan hain Bali sab kide. Jo bhi ho raha hain vo tumhare kiye Ka paridam hain jyada n socho Jo ho Raha hain bhugatne KO teyar raho or phir Allah bhi to tumahare liye jannat main 72 en liye bedha hain
    (0)(0)
    Reply
    1. A
      Adeel Ahmad
      Sep 12, 2017 at 8:57 am
      Tumhara naam ghalati se tumhare maa baap DEEP rakh diya, tumhara naam hona chahiye ANDH KUMAR
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      Reply
      1. M
        MD IMRAN KHAN
        Sep 12, 2017 at 9:23 pm
        bhai deepak ji jin kasmiri pandito ki aap bat kar rahe ho wo bat aap apne goverment BJP se kijie kyoki BJP ki goverment hai kasmir me aur BJP to pure RSS ki nakse kadam pe chalti hai BJP kyo nahi kasmiri pandito ko waha pe leke ja rahi hai bhai deepak ye sab politics hai esko samajhie
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        Reply
      सबरंग