December 03, 2016

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मसूद को आतंकी घोषित करवाने के लिए चीन पर दबाव बना रहा है भारत

सरकार ने पाकिस्तान से होने वाले सीमा पार आतंकवाद के खतरे और उससे भारत सहित पूरे क्षेत्र पर होने वाले प्रभाव के बारे में लगातार चीन को अवगत कराया है।

Author नई दिल्ली | December 2, 2016 04:53 am
भारत बनाम चीन। (फाइल फोटो)

भारत ने चीन से कहा है कि वह आतंकी गुट जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को आतंकवादी घोषित करने के लिए तकनीकी आधार पर लगाई गई रोक हटा ले ताकि उसे आतंकवादी घोषित किया जा सके। विदेश राज्यमंत्री एमजे अकबर ने गुरुवार को राज्यसभा को बताया कि भारत के इस अनुरोध को कई प्रमुख देशों ने समर्थन दिया है। उन्होंने बताया कि सरकार ने पाकिस्तान से होने वाले सीमा पार आतंकवाद के खतरे और उससे भारत सहित पूरे क्षेत्र पर होने वाले प्रभाव के बारे में लगातार चीन को अवगत कराया है। अकबर ने कहा- हमने यह बात जोरदार तरीके से रखी है कि पाकिस्तानी आतंकी गुट जैश ए मोहम्मद को आतंकवादी गतिविधियों को अंजाम देने व अलकायदा से संबंध रखने के लिए वर्ष 2001 में ही संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद प्रतिबंध समिति ने प्रतिबंधित कर दिया है।

इसके बावजूद जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को आतंकवादी घोषित करने में बार बार तकनीकी रोक लगाई जाती रही है। विदेश राज्यमंत्री ने बताया कि हमने चीन से कहा है कि वह आतंकी गुट जैश ए मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को आतंकवादी घोषित करने के लिए सूचीबद्ध करने के भारत के अनुरोध पर तकनीकी आधार पर लगाई गई रोक हटा ले ताकि उसे आतंकवादी घोषित किया जा सके। भारत के इस अनुरोध को कई प्रमुख देशों ने समर्थन दिया है। अकबर ने एक सवाल के जवाब में बताया कि चीन ने आतंकवाद पर चिंता जाहिर की है और आतंकवाद के मुद्दे पर हमारा सहयोग करने की इच्छा जाहिर की है। चीन ने कई अवसरों पर आतंकवाद के सभी प्रकारों पर अपना दृढ़ विरोध दोहराया है और इस बात पर सहमति जताई है कि आतंकवाद के लिए कोई तार्किक आधार नहीं हो सकता। एक अन्य सवाल के जवाब में उन्होंने बताया कि चीन ने भारत में अमेरिकी राजदूत की अरुणाचल प्रदेश यात्रा के विरोध में बयान जारी किया है। उन्होंने बताया कि अमेरिकी राजदूत की अरुणाचल प्रदेश यात्रा के विरोध में चीन ने वक्तव्य जारी किया है। उन्होंने बताया कि पूर्व में भी उन्होंने ऐसे वक्तव्य जारी किए हैं जो भारतीय नेताओं की अरुणाचल प्रदेश यात्रा के विरोध में थे। अकबर ने बताया कि भारत सरकार ने ऐसे वक्तव्यों को खारिज किया है और चीनी पक्ष को सूचित किया है कि अरूणाचल प्रदेश राज्य भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग है।

विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह ने एक सवाल के जवाब में बताया कि ब्रिक्स समूह की भारत द्वारा अध्यक्षता के दौरान पांच देशों के इस समूह के शिखर सम्मेलन का प्रतीक चिह्न (लोगो) भारत का राष्ट्रीय पुष्प ‘कमल’ है और इस लोगो का चयन एक खुली प्रतियोगिता के माध्यम से किया गया। उन्होंने बताया कि इस लोगो का चयन विदेश मंत्रालय ने भारत सरकार के नागरिक संबद्धता प्लेटफॉर्म डब्ल्यूडब्ल्यूडब्ल्यू डॉट एमवाईजीओवी डॉट इन पर शुरू की गई एक खुली प्रतियोगिता के माध्यम से किया था। सिंह ने बताया कि प्रतियोगिता में आई प्रविष्टियों में से सुदीप सुभाष गांधी की प्रविष्टि का चयन किया गया। उन्होंने लोगो का वर्णन इस प्रकार किया है-‘चूंकि भारत आठवें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन का मेजबान है इसलिए हमने भारतीय अभिवादन शैली नमस्ते को लोगो के मध्य भाग में समाविष्ट किया है। नमस्ते किसी के आगमन पर उसका स्वागत करने और उसे सम्मान देने की भाव भंगिमा है।
समग्र लोगो भारत के राष्ट्रीय पुष्प ‘कमल’ को दर्शाता है। पिछले डेढ़ साल में भारत के प्रति देशवासियों तथा विश्व की धारणा में परिवर्तन आया है। कमल समृद्धि का प्रतीक है और भारत उसी दिशा में अग्रसर है। इसीलिए हमने ब्रिक्स सदस्यों तथा उनकी एकता प्रदर्शित करने वाले रंगों के साथ कमल की परिकल्पना की है।’

 

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First Published on December 2, 2016 4:53 am

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