ताज़ा खबर
 

भारत ने आतंकवाद और ड्रग्स पर दक्षेस डेस्क को मजबूत करने की मांग की

दक्षेस मादक पदार्थ अपराध निगरानी डेस्क मादक तस्करों की गतिविधियों पर केंद्रित ऐसा ही डेस्क है जिसकी स्थापना 1992 में कोलंबो में हुई थी।
Author इस्लामाबाद | August 4, 2016 20:40 pm
इस्‍लामाबाद एयरपोर्ट पर अभिवादन स्‍वीकार करते गृहमंत्री राजनाथ सिंह। (Source: ANI)

भारत ने गुरुवार (4 अगस्त) को यह रेखांकित करते हुए आतंकवाद और ड्रग्स पर दक्षेस निगरानी डेस्क को मजबूत बनाने की मांग की कि मादक पदार्थों और जाली नोट नेटवर्क से प्राप्त अवैध रकम आतंकी गतिविधियों को सहयोग पहुंचाने में लगायी जा रही है। मादक पदार्थों की तस्करी को गंभीर चुनौती करार देते हुए गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने दक्षेस के गृहमंत्रियों से कहा कि यह एक ऐसी समस्या है जो सभी प्रकार के संगठित अपराधों से जुड़ी है। सिंह ने यहां सातवें दक्षेस गृह मंत्री सम्मेलन में कहा, ‘आज, मादक पदार्थों की तस्करी से सबसे अधिक अवैध रकम प्रवाह होता है। मादक पदार्थों की तस्करी और जाली नोटों की समस्या आतंकवाद को सहयोग पहुंचा रहे हैं और हमारे क्षेत्र में आर्थिक अस्थिरता पैदा कर सकते हैं।’ उन्होंने कहा कि मादक पदार्थों से संबंधित क्षेत्रीय संधि के क्रियान्वयन की दिशा में भारत ने क्षमता निर्माण और प्रशिक्षण कार्यक्रमों के माध्यम से पूर्ण समर्थन एवं सहयोग की पेशकश की है।

उन्होंने कहा, ‘दक्षेस आतंकवादी अपराध निगरानी डेस्क तथा दक्षेस मादक पदार्थ अपराध निगरानी डेस्क की पूरी क्षमता को हासिल करने की जरूरत भी महसूस की गई है।’ दक्षेस आतंकवादी अपराध निगरानी डेस्क की स्थापना 1995 में कोलंबो में हुई थी जो आतंकवादी संगठनों के अपराधों, उनके तरकीबों, उनकी रणनीतियों और प्रक्रियाओं के बारे में सूचनाओं का मिलान, विश्लेषण और आदान प्रदान करता है। दक्षेस मादक पदार्थ अपराध निगरानी डेस्क मादक तस्करों की गतिविधियों पर केंद्रित ऐसा ही डेस्क है जिसकी स्थापना 1992 में कोलंबो में हुई थी। सिंह ने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ जैसी मोदी सरकार की महत्वपूर्ण योजना का बखान किया और दक्षेस देशों से महिलाओं एवं बच्चों की सुरक्षा पर उचित ध्यान देने का आह्वान किया।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग