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आतंकवाद से मिलकर लड़ेंगे भारत और बांग्लादेश, प्रत्यर्पण संधि में भी किया बदलाव

ढाका ने कहा कि आतंकवादियों से लड़ने में नयी दिल्ली उसके साथ होगा।
Author नई दिल्ली | July 28, 2016 21:56 pm
बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि गृह मंत्री स्तर की वार्ता अब हर दो साल पर होगी। फिलहाल यह वार्ता हर तीन साल पर होती थी। (file photo)

भारत और बांग्लादेश ने ढाका के साथ आतंकवाद निरोधी प्रयासों पर सहयोग बढ़ाने पर गुरूवार को सहमति जताई। ढाका ने कहा कि आतंकवादियों से लड़ने में नयी दिल्ली उसके साथ होगा। भारत-बांग्लादेश के गृह मंत्री स्तर की वार्ता में द्विपक्षीय प्रत्यर्पण संधि में भी संशोधन किया गया ताकि एक-दूसरे के वांछित आतंकवादियों और अन्य अपराधियों का त्वरित आदान-प्रदान सुगम बनाया जा सके।

बांग्लादेश के गृह मंत्री असदुज्जमां खान ने अपने भारतीय समकक्ष राजनाथ सिंह के साथ प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के बाद कहा, ‘‘हमने सभी क्षेत्रों में अपने आतंकवाद रोधी सहयोग को बढ़ाने का फैसला किया है। भारत आतंक से लड़ने में बांग्लादेश के साथ होगा।’’ ढाका में एक जुलाई के आतंकवादी हमले में आईएसआईएस की संलिप्तता के बारे में पूछे जाने पर खान ने कहा, ‘‘सभी आतंकवादी देश के ही थे। बांग्लादेश में कोई आईएसआईएस नहीं है।’’

उस हमले में एक भारतीय लड़की समेत 22 लोगों की मौत हुई थी। बांग्लादेशी मंत्री ने कहा कि आज की वार्ता में जमात-उल-मुजाहिदीन बांग्लादेश जैसे आतंकवादी समूह की गतिविधियों केअलावा दोनों देशों से संचालित हो रहे अन्य समूहों की गतिविधियों पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा, ‘‘आईएसआईएस पर कोई चर्चा नहीं हुई।’ खान ने इस्लामी प्रवचनकर्ता जाकिर नाइक पर चर्चा करने से इंकार कर दिया। नाइक के प्रवचन ने कथित तौर पर उन आतंकवादियों में से एक को प्रेरित किया था, जिन्होंने एक जुलाई को ढाका में एक कैफे पर हमला किया था।

वार्ता में हिस्सा लेने वाले केंद्रीय गृह राज्य मंत्री किरण रिजिजू ने कहा कि यह बेहद अच्छी बैठक रही, जिसमें एक भी ऐसा मुद्दा नहीं रहा जिसपर दोनों पक्ष असहमत थे।  उन्होंने कहा, ‘‘बेहद अच्छी चर्चा हुई। एक भी बिंदु पर कोई मतभेद नहीं था। दोनों देशों के सुरक्षा अधिकारियों के बीच और नियमित संवाद होगा।’’ सूत्रों ने बताया कि बैठक में इस बात पर सहमति बनी कि गृह मंत्री स्तर की वार्ता अब हर दो साल पर होगी। फिलहाल यह वार्ता हर तीन साल पर होती थी।

बैठक में जिन अन्य मुद्दों पर चर्चा हुई उसमें अंतरराष्ट्रीय सीमा पर सुरक्षा को बढ़ाना, वीजा, घुसपैठ, मादक पदार्थों और मवेशियों की तस्करी आदि का मुद्दा शामिल था।अपने गृह मंत्री के साथ आए बांग्लादेशी आतंकवाद निरोधक अधिकारियों ने राष्ट्रीय जांच एजेंसी के अधिकारियों से मुलाकात की जबकि बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश के अधिकारियों ने बीएसएफ में अपने समकक्षों के साथ मुलाकात की। राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल, केंद्रीय गृह सचिव राजीव महर्षि और बीएसएफ और नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो के महानिदेशक ने वार्ता में हिस्सा लिया।

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