December 08, 2016

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यूएई में फंसा भारतीय, पिछले आठ महीनों से बिल्डिंग की छत पर रहने को मजबूर

काम की तलाश में अरब देश गए भारतीय मूल का एक शख्स आठ महीने से वहां की एक बिल्डिंग की छत पर रहने को मजबूर है।

UAE में फंसे संजीव रंजन की तस्वीर। (फोटो- सोशल मीडिया)

काम की तलाश में अरब देश गए भारतीय मूल का एक शख्स आठ महीने से वहां की एक बिल्डिंग की छत पर रहने को मजबूर है। उसके पास ना रहने को घर है और ना खाने को पैसे। वह शख्स केरल के कोल्लम शहर का रहने वाला है। यहां उसकी पत्नी और दो बच्चे रहते हैं। 40 साल के संजीव रंजन नाम के उस शख्स की एक आंख भी नहीं है। संजीव रंजन और उसको काम देने वाले शख्स के बीच पैसों के लेन-देन को लेकर कोई झगड़ा चल रहा है। खलीज टाइम्स ने संजीव की खबर को सबसे पहले दिखाया था। संजीव वहां शारजाह की एक कंस्ट्रक्शन कंपनी में काम करता है। वह पिछले आठ महीनों से कंक्रीट की एक बंजर खाली छत पर रह रहा है। राजन कंस्ट्रक्शन कंपनी में बिजली का काम किया करता था। खलीज टाइम्स से बात करते हुए संजीव ने बताया कि उसके पास खाने को पैसे भी नहीं थे। लेकिन वहां उसे एक भला शख्स मिल गया जो उसे नाश्ते के पैसे दे देताहै। इसके अलावा एक रेस्टोरेंट वाला उसे थोड़ा बहुत खाना खिला दिया करता है। संजीव ने बताया कि मामला कोर्ट में है लेकिन भारतीय वाणिज्य दूतावास, सामुदायिक संगठनों ने उसकी कोई मदद नहीं की।

खलीज टाइम्स से बात करते हुए संजीव ने कहा था, ‘मुझे घर भेज दो वर्ना यहां मैं मर जाउंगा। मेरे पास खाना, पैसे कुछ नहीं है।’ हालांकि, खबर के दुनिया के सामने आने के बाद काफी लोग संजीव की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। कोई उसे काम तो कोई पैसे देने की बात कर रहा है। संजीव सबका शुक्रिया भी कर रहा है लेकिन अब वह घर जाना जाता है।

वहीं संजीव को काम दिलवाने वाले शख्स का कहना है कि मामला फिलहाल कोर्ट में है और उसे भी नहीं पता कि कबतक कोई निर्णय आएगा। वह शख्स भारत के पंजाब का रहने वाला है। संजीव दो साल पहले वहां गया था। 11 मार्च को उसका कॉन्ट्रेक्ट खत्म हो गया था। संजीव को एक महीने में 900 दिरहम यानी लगभग 16 हजार रुपए मिलते थे। संजीव के मुताबिक, खर्चे के लिए वह काफी कम थे।

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First Published on November 23, 2016 3:58 pm

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