January 19, 2017

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नवाज शरीफ की पार्टी के नेताओं के घर से मिले अवैध हथियार, एक्‍शन लेने के बजाय रोका गया सर्च ऑपरेशन

यूनियन काउंसिल के तीनों सदस्यों के खिलाफ पर्याप्त सबूत होने के बावजूद पुलिस उनके खिलाफ इसलिए कार्रवाई नहीं कर पा रही क्योंकि उनके सिर पर ताकतवर राजनीतिज्ञों का हाथ।

पाकिस्तान के फैसलाबाद में PML(N) नेताओं के घर से अवैध हथियार बरामद किए जाने के बाद चलाए गए सर्च आॅपरेशन में घर की तलाशी लेते पुलिसकर्मी।

पाकिस्तान के फैसलाबाद में लगभग एक महीने पहले पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) पार्टी के दो स्थानीय नेताओं के घर से अवैध हथियारों का जखीरा बरामद होने के बाद जिले में चल रहे पुलिस सर्च आॅपरेशन को रोक दिया गया है। इन दोनों नेताओं के खिलाफ पुलिस ने अभी तक कोई आपराधिक मुकदमा भी नहीं दर्ज किया है। फैसलाबाद में अवैध हथियारों की बरामदगी के बाद सेना ने सर्च आॅपरेशन चलाया था। इसके बाद स्थानीय पुलिस ने भी इस मामले में जांच अभियान शुरू किया था।

इससे पहले विगत 11 सितंबर को पुलिस ने पीएमएलएन के तीन नेताओं राणा इसरार, मोहसीन सलीम और परवेज कमोका के यहां छापा मारा था। ये तीनों नेता यूनियन काउंसिल के सदस्य हैं। पुलिस ने अपनी छापेमारी में तीनों नेताओं के घरों से अवैध हथियार भी बरामद किए थे। इनमें प्रतिबंधित क्लाशनिकोव बंदूक भी शामिल थी। इस मामले में पुलिस अभी तक किसी एक के खिलाफ भी कोई मामला दर्ज करने की हिम्मत नहीं दिखा पायी है। इन नेताओं के घर से अवैध हथियार बरामद होने के बावजूद पाकिस्तान मुस्लिम लीग (नवाज) पार्टी के सांसदों ने पुलिस की ही आलोचना की है।

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सूत्रों से मिली जानकारी के मुताबिक यूनियन काउंसिल के तीनों सदस्यों के खिलाफ पर्याप्त सबूत होने के बावजूद पुलिस उनके खिलाफ इसलिए कार्रवाई नहीं कर पा रही क्योंकि उनके सिर पर ताकतवर राजनीतिज्ञों का हाथ है और वे तीनों को उनका शह प्राप्त है। राणा इसरार और मोहसीन सलीम ने तो छापेमारी में उनके घर से अवैध हथियार बरामद किए जाने के बाद मीडिया के सामने खुलेआम पुलिस को धमकी दे डाली और यूनियन काउंसिल के पद से इस्तीफे की पेशकश कर दी। इस मामले में पार्टी सांसदों के चुप्पी साधने पर भी इन्होंने उनकी तीखी आलोचना की थी।

राजनीतिक दबाव के चलते उल्टे फैसलाबाद पुलिस ने इन नेताओं के साथ बैठक कर उनके घर में हुई छापेमारी में शामिल पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आश्वासन दे दिया। हालांकि, पुलिस ने यूनियन काउंसिल के तीन और सदस्यों आरिफ, बिलाल और मुद्दसर के खिलाफ अवैध हथियार रखने के लिए केस दर्ज किया है। इसबीच तहरीक-ए-इंसाफ पार्टी के नेता फारुख हबीब ने पुलिस की तीखी आलोचना करते हुए कहा है कि यह सरेआम न्याय और कानून का मजाक है कि पर्याप्त सबूह होने के बावजूद पुलिस को खुद गुनहगारों से माफी मांगनी पड़ रही है।

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First Published on October 7, 2016 11:37 am

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