ताज़ा खबर
 

नरेंद्र मोदी पहुंचे ऑस्ट्रेलिया: G-20 में काले धन के मुद्दे पर डालेंगे जोर

ब्रिस्बेन। भारत की विदेश में जमा काले धन को वापस लाने की कोशिश के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां कल से शुरू हो रहे जी-20 सम्मेलन में सीमा पार कर चोरी और अपवंचन से जुड़े प्रमुख मुद्दों के खिलाफ वैश्विक सहयोग को मजबूत करने के लिए दबाव डालेंगे। मोदी पिछले 28 साल में पहले भारतीय […]
Author November 14, 2014 13:08 pm
नरेंद्र मोदी पहुंचे ऑस्ट्रेलिया

ब्रिस्बेन। भारत की विदेश में जमा काले धन को वापस लाने की कोशिश के बीच प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी यहां कल से शुरू हो रहे जी-20 सम्मेलन में सीमा पार कर चोरी और अपवंचन से जुड़े प्रमुख मुद्दों के खिलाफ वैश्विक सहयोग को मजबूत करने के लिए दबाव डालेंगे।

मोदी पिछले 28 साल में पहले भारतीय प्रधानमंत्री हैं जो 1986 में राजीव गांधी के दौरे के बाद ऑस्ट्रेलिया यात्रा पर आए हैं और वह यहां अपनी 10 दिन की तीन देशों की यात्रा के दूसरे चरण में आए हैं।

वह ऑस्ट्रेलिया की राजधानी कैनबरा भी जाएंगे जहां वह मंगलवार को ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री टोनी एबट से द्विपक्षीय वार्ता करेंगे।

प्रधानमंत्री विश्व की सबसे विकसित और उभरती अर्थव्यवस्थाओं के दो दिन के नौवें जी-20 सम्मेलन का उपयोग अपनी रोजगार विहीन वृद्धि की संभावनाओं के संबंध में भारत की चिंताओं को पेश करने के लिए भी करेंगे।

सम्मेलन से पहले मोदी ने कहा कि रोजगार सृजन करने वाली आर्थिक वृद्धि के लिए न सिर्फ वित्तीय बाजारों की स्थिति जैसे मुद्दों पर ही नहीं बल्कि लोगों के जीवन-स्तर में बदलाव पर ध्यान देना आवश्यक है।

modi-welcome

मोदी जब अपने म्यांमार की राजधानी ने पई ताव से रात भर की यात्रा के बाद एयर इंडिया के विशेष विमान से अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरे तो यहां ब्रिस्बेन में धूप खिली हुई थी। उन्होंने पे पई ताव में लगातार दो अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लिया और वहां कई द्विपक्षीय बैठकें कीं।

मोदी ने ट्विट किया ‘‘ब्रिस्बेन पहुंचा। यहां बाहर धूप खिली हुई है।’’

मोदी का स्वागत क्वीन्सलैंड के प्रधानमंत्री कैंपबेल न्यूमैन ने किया। इस मौके पर ऑस्ट्रेलिया में भारतीय उच्चायुक्त बिरेन नंदा भी मौजूद थे।

मोदी ने कहा था ‘‘मेरे लिए एक प्रमुख मुद्दा होगा काले धन पर अंतरराष्ट्रीय सहयोग के महत्व को उजागर करना।’’

वह सीमा पार कर चोरी और परिवर्जन से निपटने के लिए वैश्विक पहल के प्रति देश की प्रतिबद्धता पर भी नए सिरे से जोर डालेंगे।

प्रधानमंत्री ने कहा था कि वह इस बात पर चर्चा करना चाहते हैं कि जी-20 किस तरह अगले दौर का बुनियादी ढांचा तैयार करने की प्रक्रिया में तेजी ला सकता है जिसमें डिजिटल बुनियादी ढांचा और स्वच्छ एवं सस्ती उर्च्च्जा तक पहुंच सुनिश्चित करना शामिल है।

जी-20 में 19 देश – अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, दक्षिण कोरिया, मेक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन एवं अमेरिका – और यूरोपीय संघ शामिल हैं।

विश्व के सकल घरेलू उत्पाद में जी-20 अर्थव्यवस्थाओं का योगदान करीब 85 प्रतिशत है जबकि विश्व व्यापार में 80 प्रतिशत है और विश्व की कुल आबादी में इन देशों की हिस्सेदारी दो-तिहाई है। जी-20 को अमेरिका में 2008 में पेश किया गया था।

 

 

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग