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लीबिया: फ्रीजर में पड़ी है ISIS के एक हजार लड़ाकों की लाश, नहीं है कोई अंतिम संस्कार करने वाला

कंटेनर में इन लाशों की देख रेख करने वाले अली तुवैलेब कहते हैं कि यहां का तापमान -18 से -20 डिग्री रखना जरूरी है, अन्यथा ये लाशें सड़ने लगेंगी।
(Representative Image)

लीबिया के मिसराता शहर के एक स्थान पर डीप फ्रीजर कंटेनर की कतार लगी हुई है। इन कंटेनर्स में पिछले एक साल से लगभग हजार लाशें काफी सहेज कर रखी गईं हैं। ये लाशें हैं आतंकी संगठन आईएसआईएस के लड़ाकों की। ये वो लड़ाके हैं जिन्हें सीरिया में अमेरिकी फौजों ने पिछले एक साल से चले जंग के दौरान मार गिराया है। कभी दुनिया में अपनी दरिंदगी और खौफ के लिए कुख्यात इन लड़ाकों का अंत बेहद दर्दनाक है। मौत के बाद ये लाशें एक साल से अंतिम संस्कार का इंतजार कर रही हैं। कंटेनर में इन लाशों की देख रेख करने वाले अली तुवैलेब कहते हैं कि यहां का तापमान -18 से -20 डिग्री रखना जरूरी है, अन्यथा ये लाशें सड़ने लगेंगी। अली यहां पर रखी गई सभी डेड बॉडीज का डीएनए सैंपल रखे हैं। इसके साथ ही सभी लड़ाकों की तस्वीरें भी खींची गई है। ऐसा इसलिए किया गया है क्योंकि अगर कोई इन डेड बॉडीज पर दावा करे तो पहचान के बाद उसे सही लाश सौंपी जा सके। लेकिन अली बताते हैं कि पिछले एक साल में एक भी लाश को लेने कोई नहीं आया है।

लेकिन संसाधनों के अभाव से जूझ रहे सीरिया में इन लाशों को सहेज कर रखना अली के लिए किसी चुनौती से कम नहीं है। अली बताते हैं कि ये फ्रीजर निजी कंपनी से किराये पर लाये गये हैं। इनके लिए लगातार बिजली सप्लाई की जरूरत होती है। गर्मियों के दिनों में बिजली कटने पर जेनेरेटर की व्यवस्था करनी पड़ती है। वेबसाइट ईएनसीए के मुताबिक पिछले साल जब दिसंबर में अमेरिकी फौजों ने बगदादी के लड़ाकों के खिलाफ अभियान शुरू किया तो वे बड़ी संख्या में मारे गये। रिपोर्ट के मुताबिक कई लोगों को सिर्ते शहर में भी कई लाशों को मलबे के नीचे छोड़ दिया गया है। कई लाशों को खुद युद्ध में पकड़े गये आईएस के लड़ाकों द्वारा कब्र खोद कर दफनाया गया।

लीबिया के अधिकारियों का कहना है कि उनके पास पर्याप्त मात्रा में फ्रीजर नहीं है अन्यथा वे सभी डेड बॉडीज को इसमें रखते। ईएनसीए की रिपोर्ट के मुताबिक अली ने इस सारे डेड बॉडीज की डिटेल लीबिया की राजधानी त्रिपोली में सरकारी अधिकारियों को भेज दी है। अब सरकारी अधिकारियों को ये तय करना है कि इनका अंतिम संस्कार कहां, कब और कैसे किया जाए। इन डेड बॉडीज के रिकॉर्ड से पता चलता है कि हमले में मारे गये ये आईएस लड़ाके ट्यूनीशिया, मिस्र और सूडान के रहने वाले थे। अली कहते हैं कि जिन कंपनियों से उन्होंने फ्रीजर लिये हैं वे उन्हें वापस मांग रहे हैं, लेकिन अली कहते हैं कि अगर आप फ्रीजर वापस चाहते ही हैं तो इनमें रखी गई लाशों से साथ इन्हें ले जाएं। अन्यथा इनके अंतिम संस्कार तक इंतजार करें।

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