January 21, 2017

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जर्मन लेखक नॉर्मन ओहलर ने किताब में किया दावा, हिटलर को थी ड्रग्स की लत

जर्मनी के अवॉर्ड विनिंग लेखक नॉर्मन ओहलर ने अपनी नई किताब 'ब्लिट्ज: ड्रग्स इन नाजी जर्मनी' में हिटलर के बारे में नया खुलासा किया।

जर्मन लेखक ने हिटलर को नशे की लत होने का दावा किया

जर्मन तानाशाह अडॉल्फ हिटलर को ड्रग्स की लत थी ऐसा दावा एक जर्मन लेखक नॉर्मन ओहलर ने अपनी किताब में किया है।  नॉर्मन ओहलर ने अपनी किताब में कहा कि द्वितीय विश्व युद्ध के दौरान हिटलर के अजीबो गरीब फैसलों के पीछे उसकी ड्रग्स की लत एक बड़ा कारण थी। नॉर्मन के मुताबिक हिटलर हेरोइन जैसे एक ड्रग ‘यूकोडोल’ का लती था। साल 1944 में नर्वस ब्रेरडाउन के चलते हिटलर को यह ड्रग प्रिस्क्राइब किया गया था। इसके बाद निरंतर इस्तेमाल से वह इस ड्रग का लती हो गया। ओहलर ने अपनी नई किताब ‘ब्लिट्ज: ड्रग्स इन नाजी जर्मनी’ में यह दावा किया है। ओहलर का इस किताब को ब्रिटेन में काफी सराहा जा रहा है। ब्रिटिश अखबार द टेलेग्राफ ने इस किताब को ‘असाधारण’ बताया। साल 1944 में हिटलर के ब्रीफकेस में बम रख दिया गया था।

इस धमाके में हिटलर बुरी तहर चोटिल हो गया था जिसके बाद उसे नर्वस ब्रेकडाउन हो गया था। इस नर्वस ब्रेकडाउन के बाद हिटलर के फिजिशियन थियो मोरेल ने उसे  यूकोडोल देना शुरु किया गया था। ओहलर ने अपनी किताब में लिखा है कि इस धमाके बाद हिटलर ने एक भी दिन चैन से नहीं गुजार सका। ओहलर ने बताया कि इस घटना के पहले हिटलर लोगों के बीच रहने वाला व्यक्ति था लेकिन अपने उपर जानलेवा हमले के बाद वह एकाकी हो गया , उसने दूसरों पर भरोसा करना छोड दिया  और व्याकुल रहने लगा। हिटलर ने डॉ मोरेल से अपना पुराना आत्मविश्वास बहाल करने को कहा इसलिए उस वक्त से उसे हजारों इंजेक्शन लगाए गए। अक्सर उसे यूकोडोल लगाया जाता जो हेरोईन जैसा है लेकिन यह आपको खुशफहमी में लाने की काफी क्षमता रखता है। ब्रिटिश युद्ध इतिहासकार एंटनी बीवोर ने बताया कि पुस्तक में दिए तथ्य दुश्मन को हराने की अंतिम कोशिश में लड़ी गयी ‘बुल्गे की लड़ाई’ के दौरान हिटलर की अतार्किक तरकीबों की व्याख्या करते हैं ।

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First Published on October 6, 2016 8:55 pm

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