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पाकिस्तान के रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ ने भी माना-हमारे लिए खतरा है मुंबई हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद

18 फरवरी को पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज सईद को आतंकवाद निरोधक कानून के दायरे में लाकर उसके आतंकवाद से संबंध होने को मौन स्वीकृति दी थी।
आतंकी संगठन जमात-उद-दावा का प्रमुख हाफिज सईद। (फाइल फोटो)

पाकिस्तानी सरकार ने पहली बार माना है कि मुंबई हमले का मास्टरमाइंड हाफिज सईद उनके देश के लिए एक खतरा है। फिलहाल सईद को आतंकी की श्रेणी में डालकर उसे नजरबंद किया गया है। पाकिस्तानी मीडिया ने रक्षा मंत्री ख्वाजा आसिफ के हवाले से बताया कि सईद समाज के लिए एक गंभीर खतरा साबित हो सकते हैं और उन्हें राष्ट्रहित के मद्देनजर गिरफ्तार किया गया है। सईद को आतंक विरोधी कानूनों के तहत नजरबंद करने के पाकिस्तानी सरकार के इस फैसले का भारत ने भी स्वागत किया था। इसी के बाद यह रिपोर्ट आई है। सोमवार को विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता विकास स्वरूप ने कहा कि न्याय के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सईद, उसकी आतंकी संस्थाओ और साथियों पर असरदार कार्रवाई करने की जरूरत है। बता दें कि हालिया हफ्तों में सईद को लेकर पाकिस्तान ने कई कदम उठाए हैं।

18 फरवरी को पाकिस्तान की पंजाब सरकार ने जमात उद दावा के प्रमुख हाफिज सईद को आतंकवाद निरोधक कानून के दायरे में लाकर उसके आतंकवाद से संबंध होने को मौन स्वीकृति दी थी। डॉन न्यूज की खबर के मुताबिक पंजाब सरकार ने सईद और उसके करीबी सहयोगी काजी काशिफ को आतंकवाद निरोधक कानून (एटीए) की चौथी अनुसूची में डाल दिया था। इस सूची में तीन अन्य लोगों अब्दुल्ला ओबैद, जफर इकबाल, अब्दुर रहमान आबिद के नाम भी शामिल किए गए थे। सईद सहित चार अन्य को उसकी पार्टी और राजनीतिक सहयोगियों के गुस्से और हंगामे के बीच 30 जनवरी को नजरबंद किया गया था। सईद को 2008 में मुंबई में हुए आतंकी हमले के बाद भी नजरबंद किया गया था लेकिन 2009 में अदालत ने उसे रिहा कर दिया था।

खबर के अनुसार गृह मंत्रालय ने इन पांच लोगों की पहचान जमात उद दावा और फलाह-ए-इंसानियत के सक्रिय सदस्य के रूप में की है। मंत्रालय ने आतंकवाद निरोधक विभाग को इन लोगों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए थे।
खबर के मुताबिक चौथी अनुसूची में सिर्फ नाम शामिल होना ही यह बताता है कि उस व्यक्ति का किसी न किसी तरह से आतंकवाद से संबंध है। इस सूची में शामिल लोगों को यात्रा प्रतिबंध और संपत्तियों की जांच का सामना करना पड़ सकता है। इस चौथी सूची के प्रावधान का उल्लंघन करने वाले को तीन साल की कैद और जुर्माना या फिर दोनों की सजा हो सकती है।

हाफिज सईद कई बार भारत के खिलाफ जहर उगल चुका है:

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