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फ्रांस: नजरबंदी के दौरान आतंकी ने किया चर्च पर हमला, 86 साल के पादरी का गला रेता

हमलावर सदियों पुराने सेंट एतिएन चर्च में घुस गए और 86 वर्षीय एक पादरी, तीन नन और प्रार्थना करने आए दो लोगों को बंधक बना लिया।
Author सेंट-एतिएन-दू-रूवरी | July 27, 2016 15:19 pm
नन ने बताया कि दोनों व्यक्ति अरबी बोल रहे थे, चिल्ला रहे थे और उन्होंने हमले को ‘रिकॉर्ड’ किया था। (BFM via AP)

आतंकवाद के आरोप में नजरबंद एक फ्रांसिसी जिहादी ने एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर एक चर्च पर हमला कर दिया। इस हमले में एक पादरी की मौत हो गई और पहले से ही हिंसा का सामना कर रहे देश में सुरक्षा की खामियों को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं। पेरिस के अभियोजक फ्रांस्वा मोलिन्स ने कहा कि एदेल केरमीचे (19) उन दो हमलावरों में से एक था, जिन्होंने कल सुबह की प्रार्थना सभा के दौरान सेंट-एतिएन-दू-रूवरी के कैथोलिक चर्च पर हमला किया था। उन्होंने यहां मौजूद 86 वर्षीय एक पादरी का गला रेत दिया था और प्रार्थना करने आए एक व्यक्ति को गंभीर रूप से घायल कर दिया था।

इस हमले की जिम्मदारी इस्लामिक स्टेट समूह ने ली है। हाल में एक ट्यूनीशियाई व्यक्ति मोहम्मद लाहोउएज बूहलेल ने नीस शहर में जुटी भीड़ के बीच ट्रक घुसा दिया था। इस ट्रक हमले में 84 लोग मारे गए थे और 300 से ज्यादा लोग घायल हो गए थे। यह जनसंहार 18 माह के भीतर फ्रांस में हुआ तीसरा बड़ा हमला था। इसके बाद सुरक्षा से जुड़ी कथित खामियों को लेकर गहरे राजनीतिक मतभेद उभर आए थे। वहीं गिरजाघर हमले से जुड़े खुलासे होने पर अब और ज्यादा सवाल उठ खड़े हो सकते हैं।

मोलिंस ने कहा कि करमीचे आतंकवाद रोधी अधिकारियों की नजरों में सबसे पहले उस समय आया जब मार्च 2015 में उसके परिवार वालों ने उसके लापता होने की जानकारी दी। उसे जर्मन अधिकारियों ने गिरफ्तार किया। यह पाया गया कि उसने सीरिया पहुंचने के लिए अपने भाई की पहचान का इस्तेमाल किया था। उस पर आरोप तय किए गए और उसे न्यायिक निरीक्षण के तहत रिहा कर दिया गया लेकिन मई में वह तुर्की चला गया और उसे एक बार फिर गिरफ्तार करके फ्रांस वापस लाया गया। फ्रांस में उसे मार्च 2016 तक हिरासत में रखा गया।

करमीचे को एक इलेक्ट्रॉनिक ब्रेसलेट पहनाकर रिहा कर दिया गया था। उसे सप्ताह के कामकाजी दिवसों :वीकडेज: पर सुबह आठ बजे से रात साढ़े बारह बजे तक घर से निकलने की अनुमति थी। इसी दौरान वह और एक अन्य हमलावर सदियों पुराने सेंट एतिएन चर्च में घुस गए और वहां इन्होंने 86 वर्षीय एक पादरी, तीन नन और प्रार्थना करने आए दो लोगों को बंधक बना लिया।

इनमें से एक नन किसी तरह भाग निकली और उसने पुलिस को फोन कर दिया। पुलिस ने मौके पर पहुंचने के बाद इन हमलावरों से बातचीत की कोशिश की। नन सिस्टर डेनियल ने स्थानीय रेडियो आरएमसी को बताया कि उन्होंने :हमलावरों ने : मारे गए पादरी जैक्स हैमेल को ‘‘उनके घुटनों पर बैठने और न हिलने के लिए मजबूर किया। उन्होंने संघर्ष की कोशिश की।’’ नन ने बताया कि दोनों व्यक्ति अरबी बोल रहे थे, चिल्ला रहे थे और उन्होंने हमले को ‘रिकॉर्ड’ किया था।

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