ताज़ा खबर
 

जमात-उद-दावा के सरगना हाफ़िज़ सईद के ख़िलाफ़ दर्ज होगा एफ़आईआर

पंजाब प्रांत के कानून मंत्री सनाउल्ला ने कहा कि सईद की कश्मीर नीति नवाज शरीफ सरकार से पूरी तरह अलग है।
Author लाहौर | February 1, 2017 19:02 pm
जमात- उद-दावा का प्रमुख हाफिज सईद। (file photo)

पाकिस्तान के एक वरिष्ठ मंत्री ने कहा है कि जमात-उद-दावा के सरगना हाफिज सईद के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी, हालांकि उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि किस मामले में मुंबई हमले के मास्टरमाइंड के खिलाफ मामला दर्ज होगा। वाणिज्य मंत्री खुर्रम दस्तगीर ने कहा, ‘सारे हालात को ध्यान में रखते हुए सईद के खिलाफ कदम उठाया गया है। सरकार ने फिलहाल सईद को नजरबंद किया है, पर उसके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की जाएगी।’ यह पूछे जाने पर किस मामले में सईद के खिलाफ मामला दर्ज होगा तो दस्तगीर ने कहा, ‘कुछ दिनों में इस बारे में पता चल जाएगा।’ पंजाब प्रांत के कानून मंत्री राना सनाउल्ला ने कहा कि आने वाले दिनों में जमात-उद-दावा (जेयूडी) एवं फलाह-ए-इंसानियत (एफआईएफ) के और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘हम जेयूडी एवं एफआईएफ के संदिग्ध कार्यकर्ताओं की गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं तथा आतंकवाद विरोधी कार्यकर्ताओं के तहत और लोगों को हिरासत में लिया जाएगा।’

सनाउल्ला ने कहा कि सईद की कश्मीर नीति नवाज शरीफ सरकार से पूरी तरह अलग है। उन्होंने कहा, ‘हम राष्ट्रीय हित को लेकर समझौता नहीं करेंगे। कश्मीर पर हमारी नीति जेयूडी की नीति से अलग है।’ उधर, सईद को नजरबंद किए जाने के संदर्भ में तहरीक-ए-इंसाफ के वरिष्ठ नेता महमूदुर रशीद ने आरोप लगाया कि पीएमएल-एन सरकार ने अमेरिका और भारत की वजह से सईद के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने दावा किया कि कश्मीरियों के अधिकारों के लिए आवाज उठाने पर सईद को सजा दी जा रही है और उसकी ‘देशभक्ति’ पर किसी को संदेह नहीं है। जमात-ए-इस्लामी के नेता वसीम अख्तर ने कहा कि सईद ने कश्मीर मुद्दे को जीवंत किया है और बहुत सारे सामाजिक कार्यों का श्रेय एफआईएफ को जाता है। उन्होंने सईद और जेयूडी के अन्य नेताओं को तत्काल रिहा किए जाने की मांग की।

इससे पहले मुंबई हमले के सरगना एवं जमात-उद-दावा प्रमुख हाफिज सईद की नजरबंदी के बाद उसके समर्थकों ने सरकार के इस फैसले को अमेरिका और भारत के दबाव में उठाया गया कदम बताया और पूरे पाकिस्तान में विरोध प्रदर्शन का सिलसिला शुरू कर दिया। पंजाब प्रांत के गृहविभाग से हिरासत के आदेश के बाद सईद और उसके चार सहयोगियों को सोमवार (30 जनवरी) नजरबंद कर दिया गया। उसे उसके आवास पर स्थानांतरित कर दिया गया और पंजाब प्रांत में अधिकारियों ने इसे उप-जेल घोषित कर दिया। प्रांतीय अधिकारियों ने लाहौर की सड़कों से जमात-उद-दावा के बैनर हटाने भी शुरू कर दिए हैं। प्रांतीय गृह विभाग के आदेश पर लाहौर में जमात-उद-दावा के दफ्तरों पर पार्टी के झंडों के बजाय राष्ट्रीय झंडे फहराए गए हैं।

सईद की नजरबंदी के खिलाफ उसके समर्थकों ने लाहौर, मुलतान, फैसलाबाद, गुजरांवाला, सियालकोट, पेशावर और क्वेटा समेत विभिन्न शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिए। गृह मंत्रालय के एक अधिकारी के अनुसार नजरबंदी के खिलाफ सईद के समर्थकों ने इस्लामाबाद में भी प्रदर्शन किए। गृह मंत्रालय सईद की गिरफ्तारी के बाद के हालात पर निगरानी रख रहा है। सईद के समर्थकों का आरोप है कि नवाज शरीफ की सरकार ने उस अमेरिका की इच्छा के आगे घुटने टेक दिए हैं, जिसने सईद की गिरफ्तारी से जुड़ी जानकारी देने के लिए एक करोड़ डॉलर के इनाम की घोषणा कर रखी है। जमात-उद-दावा के प्रवक्ता नदीम अवान ने भारत पर भी पाकिस्तान सरकार पर दबाव डालने का आरोप लगाया और कहा, ‘यह (नवाज) सरकार दबाव में झुक गई है।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग