December 07, 2016

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जाने-माने अर्थशास्त्री ने कहा- बांग्लादेश में 30 साल बाद कोई हिंदू नहीं बचेगा

अगर ‘पलायन’ की मौजूदा दर जारी रहती है तो बांग्लादेश में अब से 30 साल बाद कोई हिंदू नहीं बचेगा।

बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे अत्याचार के खिलाफ हजारों लोगों ने प्रदर्शन भी किया था। (source: AP)

अगर ‘पलायन’ की मौजूदा दर जारी रहती है तो बांग्लादेश में अब से 30 साल बाद कोई हिंदू नहीं बचेगा क्योंकि हर दिन देश से अल्पसंख्यक समुदाय के औसतन 632 लोग मुस्लिम बहुल देश को छोड़कर जा रहे हैं। यह बात एक जाने-माने अर्थशास्त्री ने कही है। ‘ढाका ट्रिब्यून’ के अनुसार ढाका विश्वविद्यालय (डीयू) के प्रोफेसर डॉ. अब्दुल बरकत ने कहा, ‘‘पिछले 49 वर्षों से पलायन की दर उस दिशा की ओर इशारा करती है।’ बरकत ने अपनी पुस्तक ‘‘पॉलिटिकल इकॉनमी ऑफ रिफॉर्मिंग एग्रीकल्चर-लैंड वाटर बॉडीज इन बांग्लादेश’’ में कहा कि अब से तीन दशक बाद देश में कोई हिंदू नहीं बचेगा। अखबार ने बताया कि यह पुस्तक 19 नवंबर को प्रकाशित की गई। वर्ष 1964 से 2013 के बीच तकरीबन 1.13 करोड़ हिंदुओं ने धार्मिक उत्पीड़न और भेदभाव की वजह से बांग्लादेश छोड़ा। इसका मतलब है कि प्रतिदिन औसतन 632 हिंदुओं ने और सालाना दो लाख 30 हजार 612 हिंदुओं ने देश छोड़ा। उन्होंने ढाका विश्वविद्यालय में पुस्तक के विमोचन समारोह में यह बात कही। अपने 30 साल लंबे शोध के आधार पर बरकत ने कहा कि उन्होंने पाया कि पलायन मुख्य रूप से 1971 में स्वतंत्रता के बाद सैन्य सरकारों के कार्यकाल के दौरान हुआ।

गौरतलब है कि बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे हमले की खबर आती रहती है। अभी हाल में भी कुछ अज्ञात शरारती तत्वों ने कुछ मकानों में आग लगा दी और दो मंदिरों में तोड़फोड़ की। कुछ दिनों पहले भी अल्पसंख्यक हिंदुओं को निशाना बनाया गया था। इस्लाम धर्म के संदर्भ में एक फेसबुक पोस्ट के बाद कम से कम 15 मंदिरों और 20 से अधिक मकानों में तोड़फोड़ की गई थी।

विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने इस मुद्दे पर ट्वीट करते हुए लिखा था, ‘‘मैंने ढाका स्थित भारतीय उच्चायुक्त से वहां की प्रधानमंत्री से बात करने और बांग्लादेश में हिन्दुओं की सुरक्षा और कुशक्षेम के बारे में हमारी गंभीर चिंता उनके समक्ष व्यक्त करने को कहा है।’’

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First Published on November 22, 2016 7:59 pm

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