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ईबोला-एच 1एन 1 से मुकाबले में कारगार होगा नया टीका

भारतीय मूल के एक वैज्ञानिक सहित एमआईटी के वैज्ञानिकों ने इस टीके को विकसित किया है।
Author वॉशिंगटन | July 5, 2016 20:06 pm
चित्र का इस्तेमाल सिर्फ प्रस्तुतिकरण के लिए किया गया है।

इबोला और एच1एन1 जैसे इंफ्लूएंजा के प्रसार के मद्देनजर भारतीय मूल के एक वैज्ञानिक सहित एमआईटी के वैज्ञानिकों ने जरूरत के मुताबिक आसानी से इस्तेमाल किए जा सकने वाला एक नया टीका विकसित किया है। इस टीके को एक हफ्ते में बनाया जा सकता है जिसमें ‘मैसेंजर आरएनए’ के रूप में आनुवांशिक पदार्थ शामिल है जिसे किसी भी तरह के विषाणु, जीवाणु या परजीवी जनित कोड के लिए डिजाइन किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इसके बाद इन्हें एक अणु में पैकेज्ड किया गया है जो आरएनए को कोशिकाओं में भेजता है, जहां इसे प्रोटीन में तब्दील किया जाता है जो प्रतिरोध पैदा करता है।

संक्रमण वाले रोगों को निशाना बनाने के अलावा शोधार्थी इस प्रक्रिया का इस्तेमाल कैंसर का टीका बनाने में भी कर रहे हैं जो प्रतिरक्षा प्रणाली में ट्यूमर की पहचान और उसे नष्ट करने में मददगार होगा। अमेरिका स्थित मेसाचुएटेस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) से डेनियल एंडरसन ने बताया कि यह प्रक्रिया उन्हें सिर्फ सात दिनों में नए रोगों के खिलाफ टीका बनाने में मदद प्रदान करेगा। शोध के नतीजे ‘प्रोसीडींग्स ऑफ द नेशनल एकेडमी ऑफ साइंसेज’ जर्नल में प्रकाशित किया गए हैं।

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