ताज़ा खबर
 

पनाहगाह नष्ट किए जाने से वार्ता की मेज पर आ जाएगा तालिबानः अमेरिका

अमेरिका के एक शीर्ष दूत ने कहा है कि पाकिस्तान में तालिबान की पनाहगाह यानी शरण लेने वालों को नष्ट करना इस अफगान आतंकवादी समूह को शांति वार्ता की मेज पर लाने में मददगार होगा।
Author वाशिंगटन | October 4, 2016 12:15 pm
अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि रिचर्ड ओल्सन

अमेरिका के एक शीर्ष दूत ने कहा है कि पाकिस्तान में तालिबान की पनाहगाह यानी शरण लेने वालों को नष्ट करना इस अफगान आतंकवादी समूह को शांति वार्ता की मेज पर लाने में मददगार होगा। अफगानिस्तान और पाकिस्तान के लिए अमेरिका के विशेष प्रतिनिधि रिचर्ड ओल्सन ने बताया कि सुलह के प्रयासों में पाकिस्तान एक ‘अच्छा भागीदार’ रहा है, इसके बावजूद देश में अब भी आतंकवादियों की पनाहगाह मौजूद हैं। उन्होंने पिछले सप्ताह वाशिंगटन में एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘सुलह के संबंध में, वे एक अच्छे साझेदार हैं। पाकिस्तान की चार पक्षीय समन्वय समूह में अहम भूमिका है। उन्होंने तालिबान को बातचीत की मेज पर लाने के लिए गंभीर और सतत प्रयास किए हैं। आखिरकार तालिबान वार्ता की मेज पर नहीं आया और मुझे लगता है कि इसकी जिम्मेदारी उन पर है।’’

ओल्सन ने कहा कि अमेरिका ऐसे पनाहगाहों की मौजूदगी को लेकर कई वर्षों से पाकिस्तान के साथ वार्ता कर रहा है। उन्होंने कहा, ‘‘यदि तालिबान पाकिस्तान में अपनी पनाहगाह के बारे में असुरक्षा महसूस करता है तो यह बात उसे वार्ता की मेज पर लाने में मददगार होगी। हमें भरोसा है कि जो परिस्थितियां तालिबान को वार्ता की मेज पर लाने में सबसे मददगार हो सकती हैं, उनमें से एक परिस्थिति यह है। हमने उनसे इस बारे में बहुत स्पष्ट और प्रत्यक्ष चर्चा की है।’उन्होंने कहा कि अमेरिका लगातार मानता रहा है कि अफगानिस्तान में शांति समझौते में पाकिस्तान की एक महत्वपूर्ण भूमिका है।

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.
सबरंग