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मोदी स्‍टाइल में जीते ट्रंप: नरेंद्र और डोनाल्‍ड में हैं ये 5 समानताएं

मोदी और ट्रंप, दोनों राइट विंग राजनैतिक दलों से आते हैं।
पीएम मोदी ने डाेनाल्‍ड ट्रंप के साथ मिलकर भारत-अमेरिका के रिश्‍तों को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने की उम्‍मीद जताई है। (Source: File Photo)

डोनाल्‍ड ट्रंप अमेरिका के अगले राष्‍ट्रपति चुने गए हैं। राजनैतिक विश्‍लेषकाें को गलत साबित कर ट्रंप ने हिलेरी क्लिंटन को हराया। उनकी यह जीत भारत में 2014 के लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत से जोड़कर देखी जा रही है। एक बिजनेसमैन और रियल एस्‍टेट डेवलपर के तौर पर ट्रंप ने मोदी और उनके नेतृत्‍व को सराहा है। मोदी और ट्रंप, दोनों राइट विंग राजनैतिक दलों से आते हैं। दाेनों के बीच में कई समानताएं हैं, मसलन- नरेंद्र मोदी को जनता की नब्‍ज पकड़ने में माहिर माना जाता है। अपने विदेशी दौरों पर पीएम मोदी भीड़ को आकर्षित करने के लिए काफी कोशिश करते हैं। टोक्‍यों में ड्रम बजाने से लेकर अफ्रीका में बच्‍चे के कान खींचने से लेकर, कई मौकों पर मोदी ने औपचारिकता दरकिनार कर लोगों से सीधा संपर्क किया है। डोनाल्‍ड ट्रंप एक शौमैन हैं, उन्‍होंने व्‍हाइट हाउस के उत्‍तराधिकारी के चुनाव को पूरी तरह से बदल दिया है। उनकी प्रचार शैली पूरी तरह से नाटकीय रही है। आइए आपको बताते हैं, नरेंद्र मोदी और डोनाल्‍ड ट्रंप में और क्‍या समानताएं हैं:

विकास के वादे ने किया कमाल: चुनाव प्रचार के दौरान डोनाल्‍ड ट्रंप अमेरिका के पुराने प्रभुत्‍व को वापस लाने और विकास की जोरदार वकालत करते रहे। उनके चुनाव प्रचार अभियान का नारा था- मेक अमेरिका ग्रेट अगेन (अमेरिका को फिर से महान बनाओ)। ट्रंप ने 2008 के बाद बुरी तरह लड़खड़ाई अर्थव्‍यवस्‍था को दुरुस्‍त करने का वादा करते हुए नई नौकरियां सृजित करने का दावा किया। वैश्विक मंदी के दौर में अमेरिका में बड़े पैमाने पर लोगों की नौकरियां छिन रही थीं। ट्रंप ऐसे में आशा की एक किरण बनकर उभरे और अमरीकियों ने उन्‍हें अपना नेता चुनने में हिचक नहीं दिखाई। दूसरी तरफ, नरेंद्र मोदी ने 2014 में पूरा लोकसभा चुनाव ही विकास के मुद्दे को आगे कर लड़ा। प्रचार के दौरान ‘सबका साथ, सबका विकास’ जैसे नारे ने मोदी की चुनावों पर पकड़ और मजबूत कर दी। इसके अलावा भ्रष्‍टाचार के खिलाफ मोदी के मुखर होने से भी भाजपा को प्रचंड बहुमत हासिल करने में कामयाबी मिली।

अप्रत्‍याश‍ित नतीजों से चौंकाया: 2014 में जब भारत में लोकसभा चुनाव के लिए प्रचार चल रहा था, तो किसी राजनैतिक विश्‍लेषक ने भाजपा की इतनी बड़ी जीत की कल्‍पना नहीं की थी। खुद भाजपा के आंतरिक सर्वेक्षणों में इतनी ज्‍यादा सीटों का अनुमान नहीं लगाया गया था, मगर जब नतीजे आए तो बीजेपी अपने स्‍थापना काल से अब तक सबसे ज्‍यादा सीटें जीतकर सरकार बनाने को तैयार थी। 2016 में डोनाल्‍ड ट्रंप के जीत का अनुमान बेहद कम सर्वेक्षणों में किया गया था, मगर जिस तरह से ट्रंप ने चुनावों में जीत हासिल की, उसने बड़े-बड़े राजनैतिक समीक्षकों को एक बार फिर गच्‍चा दे दिया।

अमेरिकी राष्‍ट्रपति चुनाव के बारे में रोचक तथ्‍य, देखें वीडियो: 

कट्टर छवि, तुरंत एक्‍शन का वादा: नरेंद्र मोदी और डोनाल्‍ड ट्रंप, दोनों को राजनैतिक समीक्षक ‘कट्टर’ बताते रहे हैं। प्रचार के दौरान डोनाल्‍ड ट्रंप के मुस्लिमों के खिलाफ की गई नकरात्‍मक टिप्‍पणि‍यों की वजह से कई बार उनकी तुलना नरेंद्र मोदी से की गई। ट्रंप हर मुद्दे पर तुरंत एक्‍शन लेने की वकालत करते हैं, चाहे वो सीरिया में इस्‍लामिक स्‍टेट के खिलाफ जंग छेड़ने का मसला हो या फिर अमेरिका में मुुस्लिमों पर प्रतिबंध लगाने की बात करना हो। दूसरी तरफ, नरेंद्र मोदी ने कई मुद्दों पर कड़े और तत्‍काल फैसले किए हैं।

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सबको साथ लेकर चलने की वकालत: जब अमेरिकी राष्‍ट्रपति पद के लिए चुनाव प्रचार चल रहा था, तो डोनाल्‍ड ट्रंप के कई बयानों की तीखी आलोचना हुई। ट्रंप ने मुस्लिमों, शरणार्थियों, यहूदियों को लेकर कई विवादित टिप्‍पणियां कीं। मगर जब बुधवार को नतीजे आए तो उन्‍होंने सबको साथ लेकर चलने की बात कही। उन्‍होंने कहा, ”मैं आप सबका, हर एक का राष्‍ट्रपति हूं।” नरेंद्र मोदी जब प्रधानमंत्री बने थे, तो उन्‍होंने खुद को देश का प्रधान सेवक, जनता का चौकीदार बताया था।

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पूंजीपतियों के प्रति नर्म रुख: डोनाल्‍ड ट्रंप खुद एक बड़े काराेबारी हैं, रियल एस्‍टेट बिजनेस में उनकी तूती बोलती है। वह राजनेता कम और बिजनेसमैन ज्‍यादा हैं। जाहिर है कि उनका रुख भी पूंजीपतियों की तरफ नर्म रहेगा। प्रचार के दौरान ट्रंप ने कई अमेरिकी कंपनियों को चेताया कि वह अपना काम आउटसोर्स न करें। पिछले दिनों तो उन्‍होंने नौकरियां आउटसोर्स करने पर बैन लगाने तक की बात की थी। दूसरी तरफ, नरेंद्र मोदी सरकार पर विपक्षी अक्‍सर कारोबारियों को शह देने का आरोप लगाते रहे हैं।

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  1. A
    Ayaz Hashmi
    Nov 9, 2016 at 10:19 am
    Modi ka path padhne walo ye to btaya ni modi me divided and rule ki bi khoobi h jo kisi neta me nhi
    Reply
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