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मॉरीशस में मिला मलबा हो सकता है एमएच 370 का हिस्सा : आॅस्ट्रेलिया

ऑस्ट्रेलिया, चीन और मलेशिया की सरकारों ने कहा है कि वे तब तक खोज जारी रखेंगे, जब तक लक्षित क्षेत्र की पूरी तलाशी नहीं हो जाती या फिर कोई नई जानकारी नहीं मिल जाती।
Author सिडनी | April 3, 2016 23:59 pm
मॉरीशस द्वीप पर मिला मलेशिया एयरलाइंस के विमान एमएच 370 विमान के पंख का टुकड़ा। (फाइल फोटो)

ऑस्ट्रेलिया के परिवहन मंत्री ने कहा है कि हिंद महासागरीय द्वीप मॉरीशस में मिला मलबा एमएच 370 का हिस्सा हो सकता है। हालांकि इसकी पूरी जांच करने के बाद ही पता चल पाएगा। इससे कुछ सप्ताह पहले ही मोजांबिक में मिले दो टुकड़ों को लापता विमान के हिस्सों के रूप में देखा जा रहा था। रीयूनियन द्वीप की वेबसाइट क्लिकानू के हवाले से मिली खबर के मुताबिक, यह मलबा मॉरिशस के द्वीप रोड्रिग्ज पर छुट्टियां मना रहे एक दंपति को मिला था। ऑस्ट्रेलियाई परिवहन मंत्री डैरेन चेस्टर ने कहा, ‘मलेशियाई सरकार मॉरीशस के अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रही है ताकि मलबे का संरक्षण हासिल किया जा सके और इसकी जांच की व्यवस्था की जा सके।’

उन्होंने कहा कि जब तक विशेषज्ञ इसकी जांच नहीं कर लेते तब तक इसके मूल का पता लगाया जाना संभव नहीं है।हालांकि यह अभी स्पष्ट नहीं है कि इस मलबे का परीक्षण कौन सा देश करेगा। उड्डयन विशेषज्ञ डोन थॉम्पसन ने बताया कि यह हिस्सा मलेशिया एयरलाइंस के बोइंग 777 के बिजनेस या इकोनॉमी क्लास के केबिन की आंतरिक दीवार हो सकती है। इससे करीब दो सप्ताह पहले ही ऑस्ट्रेलियाई और मलेशियाई अधिकारियों ने कहा था कि मोजांबिक में मलबे के रूप में मिले दो टुकड़े लगभग निश्चित तौर पर एमएच 370 के हैं।

एक अन्य टुकड़ा दक्षिण अफ्रीका के वेस्टर्न केप स्थित मोसेल बे नामक छोटे से शहर के पास मिला था। दक्षिण अफ्रीकी अधिकारियों ने पिछले माह कहा था कि इस टुकड़े का भी विश्लेषण किया जाएगा ताकि पता लगाया जा सके कि क्या यह एमएच 370 का हिस्सा है? इन हालिया खोजों से पहले विमान का सिर्फ पंख ही हिंद महासागर में रीयूनियन द्वीप से मिला था, जो मोजांबिक के पूर्व में और मॉरीशस के पड़ोस में स्थित है। इस बात की पुष्टि हो गई थी कि यह दो साल पहले लापता हुए विमान का ही हिस्सा था। हिंद महासागर के सुदूर हिस्सों में एमएच 370 की खोज की अगुआई ऑस्ट्रेलिया कर रहा है। ऐसा माना जाता है कि कुआलालंपुर से बेजिंग जा रहा विमान आठ मार्च 2014 को लापता हुआ विमान हिंद महासागर पर ही रास्ता भटका था। इसमें 239 यात्री सवार थे।

ऑस्ट्रेलिया, चीन और मलेशिया की सरकारों ने कहा है कि वे तब तक खोज जारी रखेंगे, जब तक लक्षित क्षेत्र की पूरी तलाशी नहीं हो जाती या फिर कोई नई जानकारी नहीं मिल जाती।

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