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दादरी घटना से देश की छवि पर दाग: अरुण जेटली

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गोमांस खाने की अफवाह के कारण दादरी के बिसहड़ा गांव में मोहम्मद अखलाक नाम के एक व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या किए जाने की निंदा करते हुए कहा है कि इस तरह की घटनाएं देश की छवि खराब करती हैं।
Author न्यूयार्क/दादरी | October 7, 2015 08:35 am
वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गोमांस खाने की अफवाह के कारण दादरी के बिसहड़ा गांव में मोहम्मद अखलाक नाम के एक व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या किए जाने की निंदा करते हुए कहा है कि इस तरह की घटनाएं देश की छवि खराब करती हैं।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने गोमांस खाने की अफवाह के कारण दादरी के बिसहड़ा गांव में मोहम्मद अखलाक नाम के एक व्यक्ति की पीट-पीट कर हत्या किए जाने की निंदा करते हुए कहा है कि इस तरह की घटनाएं देश की छवि खराब करती हैं। इस बीच दादरी की घटना पर उत्तर प्रदेश सरकार ने केंद्र को रिपोर्ट सौंप दी, हालांकि उसमें ‘गोमांस खाने अथवा गोवध’ की अफवाह का उल्लेख नहीं है। वहीं बिसहड़ा गांव में मंगलवार को एक युवक का शव मिला, जिसके बाद इलाके में तनाव फैल गया।

वित्त मंत्री ने मंगलवार को न्यूयार्क की कोलंबिया यूनिवर्सिटी में एक व्याख्यान के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘भारत एक परिपक्व समाज है। हमें इस तरह की घटनाओं से ऊपर उठने की जरूरत है क्योंकि जहां तक देश की बात है तो निस्संदेह यह देश की छवि के लिए अच्छी नहीं हैं।’

जेटली से दादरी की घटना पर ऐसे समय में टिप्पणी करने को कहा गया, जब सरकार विदेशी निवेशकों को आकर्षित करने की कोशिश कर रही है। भाजपा के वरिष्ठ नेता ने कहा, ‘मैंने यह भी कहा है कि वे इस संदर्भ में नीति बदल सकते हैं इसलिए यह हर भारतीय की जिम्मेदारी है कि वह इस प्रकार की दुर्भाग्यपूर्ण व निंदनीय घटनाओं को अंजाम देने या इस प्रकार की टिप्पणी करने से बचे।’

मंगलवार को दादरी के बिसहड़ा गांव में एक युवक का शव मिलने से तनाव फैल गया। चौबीस वर्षीय युवक जयप्रकाश रहस्यमय परिस्थितियों में अपने घर में मृत पाया गया। उसके परिवार ने आरोप लगाया कि अखलाक की हत्या किए जाने की घटना के बाद से पुलिस उसे प्रताड़ित कर रही थी। युवक की पहचान जयप्रकाश के तौर पर की गई है जो दिहाड़ी मजदूर के तौर पर काम करता था।

थाना प्रभारी रणवीर सिंह ने कहा, ‘मृत व्यक्ति के शव पर साफ तौर पर निशान दिख रहे हैं जो मौत के कारणों और समय का संकेत देते हैं। जांच शुरू कर दी गई है लेकिन जब तक पोस्टमार्टम रिपोर्ट नहीं मिल जाती तब तक कोई निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता है।’ वहीं पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) एसके यादव ने कहा कि इस व्यक्ति के जहर खाकर आत्महत्या करने का संदेह है।

जयप्रकाश अपनी मां ओमवती, पत्नी गुड्डी और दो भाइयों के साथ रहता था। उसके पिता राम अवतार सिंह का कुछ वर्षों पहले निधन हो गया था। उसका घर अखलाख के घर से कुछ ही दूरी पर है।

जयप्रकाश अपने तीन भाइयों में सबसे बड़ा था। उसका छोटा भाई रवि (20) हाल में ही बिहार चला गया था जबकि सबसे छोटा भाई विजेंद्र (18) है। जयप्रकाश की मां ओमवती ने पुलिस पर उसके बेटे को प्रताड़ित करने का आरोप लगाया। ओमवती ने कहा कि उसका बेटा काफी दबाव में था हालांकि उसका नाम फरार लोगों की सूची में नहीं था।

बिसहड़ा के ग्रामीणों ने दावा किया कि पुलिस को जयप्रकाश और उसके भाइयों की पिछले एक सप्ताह से तलाश थी और उसका परिवार इसकी वजह से डरा हुआ था।

गांव के एक प्रतिनिधि हरिराम सिंह ने आरोप लगाया, ‘पुलिस गांव में रोजाना छापेमारी कर रही है। इसकी वजह से काफी तनाव है। वह सबको प्रताड़ित कर रही है। उसमें जयप्रकाश जैसे लोग भी हैं जिनका नाम फरार लोगों की सूची में नहीं था।’
पुलिस ने इस बात की पुष्टि की कि जयप्रकाश का नाम फरार लोगों की सूची में नहीं था और घर पर छापेमारी करने व किसी तरह का आतंक फैलाने के आरोपों का खंडन किया।

इस बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने दादरी मामले में अपनी रिपोर्ट केंद्र सरकार को भेज दी।

रिपोर्ट में कहा गया है कि अखलाक और उसके बेटे दानिश पर कुछ अज्ञात लोगों ने ‘प्रतिबंधित पशु का मांस’ खाने के अपुष्ट आरोपों को लेकर हमला किया था।

गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने कहा कि इस रिपोर्ट में घटना का तथ्यात्मक विवरण है जैसा कि गौतमबुद्ध नगर जिले में दादरी के स्थानीय थाने में दर्ज प्राथमिकी में रिकार्ड है।

घटना के बाद की गई कार्रवाई के बारे में रिपोर्ट में कहा गया है कि प्राथमिक जांच के बाद कुछ संदिग्ध पकड़े गए हैं। इस हत्या के पीछे की संभावित वजह का विस्तार से जिक्र किए बगैर रिपोर्ट में कहा गया कि जांच जारी है।

बिसहड़ा गांव में गुस्सा बना हुआ है जहां मीडिया अथवा किसी बाहरी व्यक्ति के प्रवेश को रोक दिया गया है। स्थानीय लोगों खासकर महिलाओं द्वारा मीडिया का विरोध किए जाने के बाद स्थानीय प्रशासन ने गांव के बाहर अवरोध लगा दिए गए थे गांव में आने वाले सभी वाहनों की जांच की जा रही है कि कहीं कोई बाहरी तो गांव में नहीं जा रहा है।

दादरी कांड को लेकर जारी सियासी घटनाक्रम के बीच मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि सांप्रदायिक ताकतें प्रदेश सरकार को बदनाम करना चाहती हैं और उनके मुद्दे और बहस-मुबाहिसे से सभी का नुकसान होता है।

भाजपा के विवादित सांसद साक्षी महाराज ने कहा, ‘कुछ पार्टियां सिर्फ मुसलमानों को इंसान नहीं, बल्कि मतदाता के तौर पर मानती हैं। वे मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं और सांप्रदायिक सौहार्द खराब कर रहे हैं।’

गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने लोगों से देश में सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि यह दुर्भाग्यपूर्ण घटना है। मैं सभी नागरिकों से देश में साम्प्रदायिक सौहार्द बनाए रखने की अपील करता हूं। यह सबकी जिम्मेदारी है।

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