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चीनी अखबार ने लिखा- जंग हुई तो ज्‍यादा लाशें भारतीयों की ही ग‍िरेंगी, फिर मत कहना- चेताया नहीं था

1962 में छपे संपादकीय में "इफ दिस कैन बी टॉलरेटेड, व्हाट कान्ट?" शीर्षक के तहत 21 सिंतबर 1962 को भारतीय सैनिकों द्वारा बगैर किसी उकसावे के गोलीबारी का आरोप लगाया गया था।
अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर भारतीय और चीनी सैनिक बात करते हुए। (फाइल फोटो)

सिक्किम स्थित भारत-चीन सीमा पर जारी गतिरोध के बीच चीनी मीडिया की बड़बोली बयानबाजियों का दौर थम नहीं रहा है। चीन में सत्ताधारी कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ चीन (सीपीसी) के मुखपत्र ग्लोबल टाइम्स ने 1962  में दोनों देशों के बीच हुए युद्ध के पहले प्रकाशित संपादकीय का हवाला देते हुए भारत तो प्रच्छन्न तौर पर धमकी दी है। चीनी अखबार ने भारत को “चीन की सीमा” में अतिक्रमण के प्रति आगाह किया है। चीन में मीडिया पर पूरी तरह सरकार का नियंत्रण है। कम्युनिस्ट पार्टी चीन की एकमात्र राजनीतिक पार्टी है जिसका सत्ता पर कब्जा है।

1962 में छपे संपादकीय में “इफ दिस कैन बी टॉलरेटेड, व्हाट कान्ट?” (अगर ये बरदाश्त हो सकता है तो क्या नहीं हो सकता?) शीर्षक के तहत 21 सिंतबर 1962 को भारतीय सैनिकों द्वारा बगैर किसी उकसावे के गोलीबारी का आरोप लगाया गया था। उस संपादकीय में ये भी कहा गया था कि भारतीय सैनिक चीनी सीमा में घुसपैठ कर रहे थे। 55 साल पुराने इस संपादकीय में कहा गया था कि अगर गतिरोध बढ़ा तो ज्यादा भारतीय सैनिकों के जानें जाएंगी। चीनी अखबार के संपादकीय ने दोनों देशों की सीमा (मैकमोहन रेखा) को गैर-कानूनी बताया गया है।

छह जून को चीनी सैनिकों ने भारतीय सीमा में घुसकर बंकर नष्ट कर दिए थे। वहीं भारत ने भूटान के डोकलाम इलाके में चीन द्वारा सड़क बनाने का विरोध किया। चीन इस इलाके को अपना बताता रहा है। चीन इसे डोंगलांग कहता है। चीन जो सड़क बना रहा है वो भारी टैंक और सैन्य वाहनों की आवाजाही के लायक है।  सिक्किम स्थित इस इलाके में भारत की सीमा तिब्बत और भूटान से लगती है। भारतीय सुर7ा की दृष्टि से ये इलाका काफी संवेदनशील है।

दोनों देशों के बीच जारी गतिरोध के बीच चीन के सरकारी अखबारों में विशेषज्ञों और  विभिन्न मंत्रालयों के प्रवक्ताओं के हवाले से भारत को छिपी धमकियां दी जा रही हैं। इससे पहले ग्लोबल टाइम्स ने ही एक खबर में धमकी दी थी कि भारत ने डोक ला इलाके से अपनै सैनिक नहीं बुलाए तो उसे 1962 के युद्ध का सबक याद रखना चाहिए। अखबार द्वारा दी गई धमकी पर रक्षा मंत्री अरुण जेटली ने कहा था कि चीन को याद रखना चाहिए कि 1962 के भारत अलग था और ये 2017 है। इस पर चीनी सेना के प्रवक्ता ने कहा था कि चीन भी 1962 वाला नहीं है।

वीडियो- चीनी सैनिकों को भारतीयों ने मानव-दीवार  बनाकर रोका

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  1. K
    kuldeep singh
    Jul 12, 2017 at 7:42 pm
    चीनी सामान का त्याग करो .भारत माता की जय .जय हिन्द
    (0)(0)
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