ताज़ा खबर
 

उत्तराखंड घुसपैठ पर चीनी सेना ने कहा- ख़बर की सच्चाई का पता करेंगे

चीन के जवानों ने इस महीने उत्तराखंड के चमोली जिले में सीमा पर जमीन पर और वायु क्षेत्र से अतिक्रमण किया था।
Author बीजिंग | July 28, 2016 18:23 pm
चीन की सेना पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) (AP Photo/Andy Wong/File Photo)

चीन ने गुरुवार (28 जुलाई) को उत्तराखंड में उसके सैनिकों द्वारा अतिक्रमण पर सावधानीपूर्वक प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह घुसपैठ के बारे में ‘रिपोर्ट की सच्चाई’ का पता करेंगे। चीन ने कहा कि पीएलए (पीपुल्स लिबरेशन आर्मी) के सैनिकों ने सीमा पर शांति और स्थिरता कायम रखने के लिए हमेशा समझौतों का पालन किया है। उत्तराखंड में पीएलए के जवानों द्वारा घुसपैठ के बारे पूछे जाने पर चीन के रक्षा प्रवक्ता वरिष्ठ कर्नल यांग युजुन ने गुरुवार (28 जुलाई) को यहां संवाददाता सम्मेलन में कहा, ‘आपने जिस खबर का जिक्र किया है, हमें उसकी सच्चाई का पता करना होगा।’

उन्होंने कहा, ‘मैं यहां जोर देना चाहूंगा कि चीनी सीमा की रक्षा करने वाले जवानों ने हमेशा दोनों देशों के बीच हस्ताक्षरित समझौतों का पालन किया है।’ यांग ने कहा कि चीन के जवान वास्तविक नियंत्रण रेखा के चीन की तरफ वाले क्षेत्र पर हमेशा क्रियाकलाप करते हैं। हम चीन भारत सीमा पर शांति एवं स्थिरता को कायम रखने के लिए प्रतिबद्ध हैं। चीन के जवानों ने इस महीने उत्तराखंड के चमोली जिले में सीमा पर जमीन पर और वायु क्षेत्र से अतिक्रमण किया था जब उसके जवान असैन्यीक्षेत्र में ठहरे और उसके हेलीकॉप्टर पांच मिनट तक भारतीय वायुक्षेत्र में उड़े। यह घटना बाराहोती क्षेत्र में 19 जुलाई को हुई जिसके बाद सुरक्षा प्रतिष्ठान ने इस क्षेत्र में तिब्बत के साथ लगी 350 किलोमीटर लंबी सीमा पर सुरक्षा की समीक्षा की।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री हरीश रावत ने इस घटनाक्रम को चिंताजनक बताया था। लद्दाख में सीमा पर भारतीय सेना द्वारा सुरक्षा बढ़ाने और चीन की तरफ की गतिविधियों का मुकाबला करने के लिए टैंकों की तैनाती करने से जुड़े सवाल के जवाब में यांग ने कहा, ‘हमने इस खबर पर संज्ञान लिया है।’ उन्होंने कहा, ‘मैं इस बात पर जोर देना चाहूंगा कि चीन और भारत पड़ोसी और साथी हैं, प्रतिस्पर्धी या दुश्मन नहीं।’ यांग ने कहा, ‘सीमा पर शांति, स्थिरता कायम रखना चीन और भारत के लोगों की समान महत्वाकांक्षा है। हमें आशा है कि भारतीय पक्ष चीनी पक्ष की तरफ समान दिशा में काम कर सकता है और दोनों देशों के नेताओं के बीच बनी आमसहमति को लागू किया जा सकता है तथा चीन भारत सीमा पर शांति और सौहार्द कायम रखा जा सकता है।’

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

  1. No Comments.