December 11, 2016

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दुनिया में पहली बार चीन कर रहा है परमाणु पनडुब्बी का सार्वजनिक प्रदर्शन

चीनी सरकार का मानना है कि सैन्य क्षमता के प्रदर्शन से आम जनता से उसका जुड़ाव बढ़ेगा।

चीनी पनडुब्बी की फाइल फोटो( तस्वीर- रॉयटर्स)

चीन एक अप्रत्याशित कदम उठाते हुए अपनी परमाणु हमला करने में सक्षम पनडुब्बी का सार्वजनिक प्रदर्शन करने जा रहा है। चीन दुनिया का पहला ऐसा देश है जो परमाणु पनडुब्बी का ऐसा खुला प्रदर्शन करेगा। माना जा रहा है कि परमाणु क्षमता वाली पनडुब्बी को सार्वजनिक करने का मकसद दुनिया को अपनी नौसेना की ताकत दिखाना है। पिछले कुछ समय से चीन दक्षिण चीन सागर में कई विवादों में उलझता रहा है। माना जा रहा है कि इस परमाणु हमला करने में सक्षम पनडुब्बी को चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग की उपलब्धियों के प्रतीक के तौर पर भी पेश किया जा रहा है। बहुत जल्द चीन की कम्युनिस्ट पार्टी का सालाना अधिवेशन होने वाला है जिसमें इस बात पर फैसला होगा कि शी जिनपिंग दोबारा चीन के राष्ट्रपति बनेंगे या नहीं।

चीन ने गुरुवार को बताया कि वो अपने पहले स्वनिर्मित एयरक्राफ्ट कैरियर का निर्माण भी जल्द पूरा होने वाला है। चीन के रक्षा मंत्री के अनुसार इस एयरक्राफ्ट का बुनियादी ढांचा (हल) तैयार हो चुका है और इसका डिजाइन भी पूरी तरह तैयार है। चीन से पहले दुनिया के किसी भी देश ने अपनी परमाणु क्षमता संपन्न पनडुब्बी का सार्वजनिक प्रदर्शन नहीं किया है। चीनी सरकार का मानना है कि सैन्य क्षमता के प्रदर्शन से आम जनता से उसका जुड़ाव बढ़ेगा।

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चीन की इस पहली परमाणु क्षमता संपन्न पनडुब्बी को समुद्र तटीय शहर शैनडॉन्ग स्थित एक संग्रहालय में प्रदर्शन के लिए लाया गया है। संग्रहालय में रखने से पहले पनडुब्बी के परमाणु अवयव निकाल दिए जाएंगे ताकि ये जनता के लिए पूरी तरह सुरक्षित रहे। चीनी नौसेना के एक अधिकारी ने बताया कि 40 सालों तक चीनी नौसेना की सेवा करने वाली इस पनडुब्बी को जल्द ही जनदर्शन के लिए संग्रहालय में रखा जाएगा। चीन की सरकारी मीडिया के अनुसार इन पनडुब्बी को परमाणु रिएक्टर और परमाणु अवशिष्ट हटाकर सेवा से हटाया गया है और इससे चीन की परमाणु हथियारों को रखने और उन्हें प्रयोग से हटाने की क्षमता का पता चलेगा।

चीन सरकार के इस फैसले को देश में “राष्ट्रवाद” के प्रचार-प्रसार पर दिए जा रहे जोर के तौर पर भी देखा जा रहा है। हाल ही में शी जिनपिंग की तुलना चीन की कम्युनिस्ट पार्टी के संस्थापक माओत्से तुंग से की गई। चीन की कम्युनिस्ट पार्टी (सीपीसी) ने राष्ट्रपति शी जिनपिंग को नेतृत्व का ‘प्रमुख’ नियुक्त करते हुए उन्हें उसी तरह का दर्जा प्रदान किया है जो पार्टी के संस्थापक ‘चेयरमैन’ माओ त्से-तुंग का था। शी जिनपिंग नवंबर, 2012 में पार्टी का नेता और 2013 में राष्ट्रपति एवं सेना का प्रमुख बनने के बाद से एक शक्तिशाली नेता के तौर पर उभरे हैं। हाल ही में चीन के सरकारी टीवी पर एक डॉक्यूमेंट्री में जिनपिंग के सादगी और कर्मठता की जमकर तारीफ की गई थी।

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First Published on October 28, 2016 1:14 pm

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