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लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल में किसी तरह की तब्‍दीली नहीं करने पर राजी हुआ चीन

भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल को लेकर पड़ोसी देश का कहना है कि किसी भी देश को ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे सीमा की वर्तमान स्थिति में एकतरफा बदलाव हो जाए।
सीमा गतिरोध हाल ही में पैदा हुआ, जब बीते महीने डोकलाम में चीनी जवानों को भारत ने सड़क निर्माण करने से रोका (File Photo)

भारत और चीन के बीच लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल को लेकर पड़ोसी देश का कहना है कि किसी भी देश को ऐसा कदम नहीं उठाना चाहिए जिससे सीमा की वर्तमान स्थिति में एकतरफा बदलाव हो जाए। साथ ही चीनी सेना के भारतीय सीमा में लद्दाख के डेमचोक क्षेत्र में घुसने की रिपोर्ट को भी खारिज किया गया। चीन के विदेश मंत्रालय के प्रवक्‍ता हुआ चुनयिंग ने मीडिया को बताया, ”मैं आपको कह सकता हूं कि चीनी सेना लाइन ऑफ एक्‍चुअल कंट्रोल के चीनी हिस्‍से में ही तैनात हैं। हालांकि भारत और चीन सीमा की अभी तक मार्किंग नहीं हुई है लेकिन दोनों देश कई समझौतों और सहमतियों पर पहुंचे हैं जो सीमाई इलाके में स्थिरता और शांति की रक्षा करते हैं।” गौरतलब है कि पिछले दिनों खबर आई थी कि लद्दाख में पीपल्स लिबरेशन आर्मी (पीएलए) के जवान उस क्षेत्र में घुस गए जहां मनरेगा योजना के तहत सिंचाई नहर का निर्माण किया जा रहा था और उन्होंने कार्य को रोक दिया।

लद्दाख में 55 चीनी सैनिकों ने घुसकर नहर का काम रुकवाया; देखें वीडियो:

यह घटना बुधवार दोपहर देमचोक सेक्टर में हुई जो लेह से करीब 250 किलोमीटर पूर्व में है। वहां महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून (मनरेगा) के तहत एक गांव को ‘‘हॉट स्प्रिंग’’ से जोड़ने के लिए काम चल रहा था। आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि करीब 55 चीनी सैनिक वहां पहुंचे और आक्रामक तरीके से काम रोक दिया। इसके बाद सेना तथा भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के जवान वहां पहुंचे और उन्होंने चीनी सैनिकों की ज्यादती को रोका। सूत्रों ने कहा कि दोनों पक्षों ने अपने बैनर निकाल लिये है और वे वहां डटे हुए हैं। इसके बाद भारतीय वायुसेना ने गुरुवार को अपने लड़ाकू विमानों को चीनी सीमा के नजदीक लैंड कराया है। एयरफोर्स ने सी-17 ग्‍लोबमास्‍टर एयरक्राफ्ट को मेचुका के एडवांस्‍ड लैंडिंग ग्राउंड पर लैंड कराया।

यह जगह पश्चिमी हिमालय में लद्दाख से लेकर पूर्वी हिमालय में अरुणाचल प्रदेश तक फैसली 3,500 किलोमीटर लंबी सीमा से सिर्फ करीब 29 किलोमीटर दूर है। विमान ने 4,200 फुट के रनवे पर लैंड किया जो भारतीय वायुसेना की देश के दुर्गम इलाकों पर पहुंच की क्षमता को प्रदर्श‍ित करता है। मेचुका अरुणाचल प्रदेश के पश्चिमी सियांग जिले में स्थित है। एयरफोर्स का कहना है कि इतनी ऊंचाई से दुर्गम इलाकों- घाटियों और ऊंची पहाड़‍ियों में सैनिकों को ले जाने में मदद मिलती है। लद्दाख और अरुणाचल में ऐसे कई लैंडिंग ग्राउंड्स बनाए गए हैं। भारतीय वायुसेना ने यह कार्रवाई तब की है, जब बुधवार को भारत-चीन के बीच लद्दाख में तनाव की खबर आई है।

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