December 05, 2016

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आईएस चीफ अबु बक्र अल-बगदादी ने जारी किया ऑडियो संदेश, कहा- रात को दिन बना दो, काफिरों के खून की नदियां बहा दो

इराक का मोसुल शहर आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट का सबसे मजबूत गढ़ माना जाता है। पिछले दो हफ्ते से अमेरिकी नेतृत्व वाला सैन्य गठबंधन इस शहर को आईएस से आजाद कराने के लिए सैन्य कार्रवाई कर रहा है।

इस्‍लामिक स्‍टेट(आईएसआईएस) के प्रमुख अबू बकर अल बगदादी (Photo Source: Reuters)

इराक में अमेरिका नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन द्वारा आतंकवादी संगठन इस्लामिक स्टेट (आईएस) के गढ़ मोसुल पर किए जा रहे हमलों के बाद पहली संगठन के प्रमुख अबु बक्र अल-बगदादी ने गुरुवार (3 नवंबर) को एक ऑडियो संदेश जारी करके दावा किया है कि अंतिम जीत आईएस की ही होगी। बगदादी ने अपने संदेश में कहा है कि “इस्लामिक स्टटे जो मुकम्मल जंग और अजीम जिहाद लड़ रहे है उससे हमारा यकीन बढ़ा है। अल्लाह की मर्जी से ये जीत की शुरुआतहै।” मोसुल आखिरी बड़ा इराकी शहर है जहां आईएस का नियंत्रण है। बगदादी ने अपने संदेश में मोसुल के निनेवेह प्रांत के आम अवाम से भी “अल्लाह के दुश्मनों” के खिलाफ लड़ने की अपील की है। बगदादी ने आईएस के फियादीन हमलावरों से कहा है कि काफिरों के लिए  “रात को दिन में बदल दो, उन पर ऐसा कहर बरपाओ कि उनके खून की नदियां बहने लगें।” पिछले दो हफ्तों से अमेरिकी नेतृत्व वाले सैन्य गठबंधन में पचास हज़ार इराकी सैनिक, कुर्द लड़ाके, सुन्नी अरब कबीले के लड़ाके और शिया हथियारबंद लड़ाके मोसूल को आईएस के कब्जे से छुड़ाने के लिए कार्रवाई कर रहे हैं।

मोसुल पर दो साल पर आईएस ने कब्जा जमा लिया था। तभी से ये शहर सीरिया और इराक के बड़े भूभाग पर कब्जा जमा लेने इस आतंकवादी संगठन के नियंत्रण में था। इराकी सरकार के प्रवक्ता ने बुधवार को बीबीसी को बताया को बताया कि इराकी सेनाएं मोसुल में अब घर-घर जाकर लड़ाई की तैयारी कर रही हैं। मीडिया रिपोर्ट के अनुसार आईएस मोसुल में आम नागरिकों को ढाल बना रहा है। और उसे कदम दर कदम हार का सामना कर पड़ रहा है।

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इराक ने मंगलवार (1 नवंबर) को घोषणा की कि उसके सैनिकों ने दो वर्ष बाद मंगलवार को पहली बार जिहादियों के कब्जे वाले मोसुल शहर में प्रवेश किया। गौरतलब है कि करीब दो वर्ष पहले इस्लामिक स्टेट समूह ने इस शहर पर कब्जा कर लिया था। ज्वॉइंट ऑपरेशन्स कमांड ने आज (मंगलवार, 1 नवंबर) एक बयान में कहा कि इराकी सेना के जवानों ने अब ‘मोसुल शहर के बाएं किनारे पर स्थित जुदाइदात अल-मुफ्ती’ इलाके में प्रवेश कर लिया है।

दजला नदी मोसुल शहर को मध्य से बांटती है। इराकी लोग शहर के पूर्वी हिस्से को बायां किनारा और पश्चिमी हिस्से को दायां किनारा कहते हैं। जुदाइदात अल-मुफ्ती शहर का दक्षिण पूर्वी हिस्सा है। इराकी बलों ने मोसुल शहर पर फिर से कब्जा प्राप्त करने के लिए दो सप्ताह से भी अधिक समय पहले व्यापक अभियान की शुरुआत की थी और शहर में विभिन्न मोर्चों से आगे बढ़ रही है। यह शहर इराक में आईएस का अंतिम सबसे मजबूत गढ़ है।

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First Published on November 3, 2016 7:44 am

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