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तालिबान से निपटने को अमेरिका में 8400 सैनिक छोड़ेगा अमेरिका: ओबामा

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने "अनिश्चित" सुरक्षा स्थिति और तालिबान की ओर से खतरा बढ़ने का उल्लेख करते हुए घोषणा की कि जब उनका कार्यकाल समाप्त होगा तब अमेरिका अफगानिस्तान में 8400 सैनिक छोड़ेगा।
Author वाशिंगटन | July 7, 2016 06:35 am
बराक ओबामा (AFP)

अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा ने “अनिश्चित” सुरक्षा स्थिति और तालिबान की ओर से खतरा बढ़ने का उल्लेख करते हुए घोषणा की कि जब उनका कार्यकाल समाप्त होगा तब अमेरिका अफगानिस्तान में 8400 सैनिक छोड़ेगा। ओबामा ने ऐसा कहकर युद्ध प्रभावित अफगानिस्तान में 5500 सैनिक छोड़ने की अपनी पूर्ववर्ती योजना पलट दी है। मूल योजना में बदलाव तब आया है जब ओबामा का राष्ट्रपति के तौर पर कार्यकाल जनवरी 2017 तक समाप्त होने के साथ ही अमेरिका अफगानिस्तान में युद्ध समाप्त करने के अपने वादे को पूरा करते हुए वहां स्थिरता बनाये रखने के लिए संघर्ष कर रहा है।

ओबामा ने कहा, “अफगानिस्तान में सुरक्षा स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।” उन्होंने कहा, “मेरा दृढ़ता से मानना है कि यह हमारे राष्ट्रीय सुरक्षा हित में है….कि हम अपने अफगान साझेदारों को सफल होने के लिए सर्वश्रेष्ठ मौका दें।” ओबामा ने पाकिस्तान का नाम लिये बिना क्षेत्र के देशों का आह्वान किया कि वे क्षेत्र से आतंकवादियों के सभी सुरक्षित पनाहगाह समाप्त करें। उन्होंने कहा, ‘‘निर्णय जो मैं आज कर रहा हूं ,यह सुनिश्चित करता है कि मेरे उत्तराधिकारी के पास अफगानिस्तान में प्रगति के लिए एक ठोस आधार हो तथा साथ ही उभरने वाले आतंकवाद के खतरे से निपटने के लिए लचीलापन हो।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मेरा दृढ़ता से यह मानना है कि जिस निर्णय की मैं घोषणा कर रहा हूं वह करने के लिए सही चीज है।’’ ओबामा ने यह घोषणा नाटो सम्मेलन में हिस्सा लेने के लिए यूरोप रवाना होने से पहले की। वहां अफगानिस्तान और इस्लामिक स्टेट से खतरा चर्चा के प्रमुख विषय में शामिल होगा। अफगानिस्तान में वर्तमान में सैनिकों की संख्या 9800 है। यह निर्णय तब आया है जब अमेरिका नीत नाटो मिशन के नये कमांडर जनरल जॉन निकोलसन ने इस वर्ष सुरक्षा स्थिति की एक समीक्षा की है। ओबामा ने कहा कि उनका निर्णय जमीनी वास्तविकताओं एवं राष्ट्रीय सुरक्षा टीम के साथ की गई समीक्षाओं पर आधारित है।

उन्होंने कहा, ‘‘तालिबान एक खतरा बना हुआ है…उन्होंने हमले और आत्मघाती हमले जारी रखें हैं, इसमें काबुल में होने वाले हमले भी शामिल हैं।’’ उन्होंने कहा, ‘‘राष्ट्रपति और कमांडर इन चीफ होने के नाते मैंने स्पष्ट किया है कि मैं आतंकवादियों को हमारे देश पर फिर से हमला करने के लिए अफगानिस्तान को एक सुरक्षित पनाहगाह के तौर पर इस्तेमाल नहीं करने दूंगा।’’

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