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बांग्लादेश में ईसाई कारोबारी, शीर्ष पुलिस अधिकारी की पत्नी की निर्मम हत्या

पुलिस अधीक्षक बाबुल अख्तर की पत्नी महमूदा अख्तर (33) को बंदूकधारियों ने चटगांव में उस समय निशाना बनाया जब वह पहली कक्षा में पढ़ने वाले अपने पुत्र को स्कूल के लिए नजदीक के बस अड्डे छोड़ने जा रही थीं।
Author ढाका | June 5, 2016 17:30 pm

बांग्लादेश में आतंकवाद रोधी एक शीर्ष पुलिस अधिकारी की पत्नी की गोली मारकर हत्या के चंद घंटे बाद रविवार (5 जून) को चाकूधारी हमलावरों ने एक चर्च के पास एक ईसाई कारोबारी की हत्या कर दी। बांग्लादेश में इस्लामी चरमपंथी धार्मिक अल्पसंख्यकों और धर्मनिरपेक्ष कार्यकर्ताओं पर सिलसिलेवार हमले करते रहे हैं। पुलिस अधीक्षक श्यामल मुखर्जी ने बताया कि देश के उत्तर पश्चिमी नाटोर जिले में रविवार (5 जून) लगभग दोपहर के समय ईसाई सुनील गोम्स (65) अपनी किराने की दुकान में मृत मिले। उन्होंने बताया कि जिला शहर के बाहरी इलाके में बानपाड़ा गांव में एक चर्च के पास एक व्यावसायिक केन्द्र में गोम्स को उनकी दुकान के भीतर मौत के घाट उतारने के तत्काल बाद हमलावर फरार हो गए। मुखर्जी ने कहा, ‘हमें अभी घटना का विवरण जानना है, हमारे पुलिसकर्मी हत्या के बारे में सूचना जुटा रहे हैं।’

इस बीच, एक अन्य घटना में बांग्लादेश में आतंकवादियों के खिलाफ अनेक छापामारी अभियानों को अंजाम देने वाले एक शीर्ष पुलिस अधिकारी की पत्नी को चटगांव में उनके नन्हे पुत्र के सामने मोटरसाइकिल सवार हमलावरों ने रविवार (5 जून) को चाकुओं से गोद दिया और फिर गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने बताया कि पुलिस अधीक्षक बाबुल अख्तर की पत्नी महमूदा अख्तर (33) को बंदूकधारियों ने चटगांव में स्थानीय समयानुसार सुबह करीब छह बजकर 45 मिनट पर उस समय निशाना बनाया जब वह पहली कक्षा में पढ़ने वाले अपने पुत्र को स्कूल के लिए नजदीक के बस अड्डे छोड़ने जा रही थीं। चटगांव यहां से करीब 275 किलोमीटर दूर है ।

बांग्लादेश के गृहमंत्री असद उज्जमां खान कमाल ने कहा कि पुलिस को संदेह है कि महमूदा की हत्या के पीछे धार्मिक चरमपंथियों का हाथ है। बाबुल ने चटगांव में खुफिया शाखा के साथ अतिरिक्त उपायुक्त के रूप में आतंकी ठिकानों पर छापेमारी की कई कार्रवाइयों का नेतृत्व किया है और आतंकवाद से संबंधित कई मामलों की जांच की। उन्हें अप्रैल में पदोन्नति मिली थी। वर्तमान में बाबुल पुलिस अधीक्षक के रूप में ढाका में पुलिस मुख्यालय में तैनात हैं।

उन्होंने शीर्ष आतंकवादियों को पकड़ने तथा दक्षिण तटीय जिले में उनके ठिकानों को ध्वस्त करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। यह बाबुल की जांच की वजह से ही था कि प्रतिबंधित संगठन जमातुल मुजाहिदीन बांग्लादेश (जेएमबी) के ठिकाने का भंडाफोड़ हुआ और पिछले साल अक्तूबर में इसकी सैन्य इकाई के प्रमुख मोहम्मद जावेद की गिरफ्तारी हुई। बीडीन्यूज 24 ने खुफिया शाखा के उपायुक्त मुख्तार अहमद के हवाले से कहा, ‘क्योंकि बाबुल अख्तर आतंकवाद रोधी अभियान में शामिल रहे हैं, इसलिए हमें संदेह है कि उनकी पत्नी की हत्या के पीछे आतंकवादियों का हाथ है।’

गवाहों का हवाला देते हुए चटगांव मेट्रो पुलिस के उपायुक्त पारितोष घोस ने बताया कि बाइक सवार तीन हमलावरों ने महमूदा पर उनके छह साल के बेटे के सामने हमला कर दिया। बच्चे ने बताया कि हमलावरों ने पहले उसे दूर किया और फिर उनमें से एक ने उसकी मां को चाकू घोंप दिया तथा फिर गोली मार दी। पुलिस ने बताया कि हमलावरों ने महमूदा के सिर में गोली मारी। पुलिस जांच ब्यूरो के अतिरिक्त अधीक्षक बशीर अहमद ने कहा, ‘हमें घटनास्थल पर तीन कारतूस और एक खोल मिला। गोली उनके (महमूदा) के सिर के बाएं हिस्से में लगी।’

बांग्लादेश में हाल के महीनों में सिलसिलेवार हमले, खासकर अल्पसंख्यकों, धर्मनिरपेक्ष ब्लॉगरों, बुद्धिजीवियों और विदेशियों को निशाना बनाकर हमले हुए हैं। हाल के हमलों में अप्रैल में आईएसआईएस के चाकूधारी आतंकवादियों ने एक उदारवादी प्रोफेसर की बर्बर हत्या कर दी थी। हमलावरों ने राजशाही शहर स्थित उनके घर के पास उनका गला रेत दिया था। इसके दो दिन बाद बांग्लादेश की पहली समलैंगिक पत्रिका के संपादक और उसके एक मित्र की उसके फ्लैट में इस्लामियों ने निर्मम हत्या कर दी थी।

तीस अप्रैल को एक हिन्दू टेलर की मध्य बांग्लादेश स्थित उसकी दुकान में आईएसआईएस के चाकूधारी आतंकवादियों ने हत्या कर दी थी। आईएस और अलकायदा की भारतीय प्रायद्वीप शाखा ने इनमें से कुछ हमलों की जिम्मेदारी ली है। हालांकि सरकार बांग्लादेश में उनकी मौजूदगी से इनकार करती है।

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