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चीन का भड़काने वाला कदम, बोला- भारत के पास सीमा पर बढ़ाएंगे गश्‍त

चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रेन ग्वोकिंग ने कहा, "चीनी सेना डोकलांग क्षेत्र में अपने मिशन और जिम्मेदारियों को जारी रखेगी। इसके साथ ही भारत-चीन सीमा पर सैनिक गश्ती भी तेज करेगी ताकि राष्ट्रीय संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा की जा सके।"
भारत और चीन के बीच 3,488 किलोमीटर लंबी सीमा है। (Source: PTI)

ब्रिक्स शिखर सम्मेलन से पहले भले ही भारत और चीन के बीच चल रहा डोकलाम विवाद सुलझता नजर आ रहा हो लेकिन चीन के रक्षा मंत्रालय ने यह कहकर मामले को फिर से भड़काने की कोशिश की है कि वो विवादित सीमा क्षेत्र में अपने सैनिकों की गश्ती और तेज करेगा। समाचार एजेंसी रॉयटर्स के मुताबिक गुरूवार (31 अगस्त) को चीनी रक्षा मंत्रालय ने कहा कि दो महीने से ज्यादा के अंतराल के बाद दोनों देश डोकलाम से अपनी-अपनी सेना पीछे हटाने को राजी हो गए हैं बावजूद इसके हमलोग दोनों देशों के बीच विवादित सीमा क्षेत्र में सैनिकों की गश्त तेज करेंगे।

चीनी रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता रेन ग्वोकिंग ने कहा, “चीनी सेना डोकलांग क्षेत्र में अपने मिशन और जिम्मेदारियों को जारी रखेगी। इसके साथ ही भारत-चीन सीमा पर सैनिक गश्ती भी तेज करेगी ताकि राष्ट्रीय संप्रभुता और सुरक्षा की रक्षा की जा सके।” मासिक प्रेस ब्रीफिंग के दौरान रेन ने कहा, “हाल के दिनों में जमीनी स्तर पर जो कुछ भी बदलाव आए हैं, चीनी सीमा सुरक्षा के सैनिक उसके मद्देनजर समायोजन और तैनाती पर काम करते रहेंगे।”

बता दें कि सिक्किम सीमा से सटे डोकलाम पठार इलाके में भारत और चीन के सैनिकों के बीच पिछले कुछ हफ्तों में टकराव का स्थिति बनी हुई थी। 15 अगस्त को तो दोनों देशों के सैनिकों के बीच हाथापाई तक की नौबत आ गई थी। चीन डोकलाम पर अपना दावा ठोकता रहा है जबकि भूटान उस पर अपना दावा करता रहा है। यह विवाद तब और बढ़ गया जब चीन इस साल जून में डोकलाम तक सड़क बनाने की योजना पर काम करने लगा। इसी बीच भारतीय सैनिकों ने वहां पहुंचकर चीनी सैनिकों को ऐसा करने से मना कर दिया। हालांकि, चीन डोकलाम को डोकलांग कहकर उस पर अपना दावा जताता रहा मगर भारत ने उसे भूटान का हिस्सा मानकर चीन को सड़क बनाने से रोक दिया।

भारत का दावा है कि डोकलाम में चीनी सैनिकों का दखल भारतीय उप महाद्वीप के लिए बड़ा खतरा हो सकता है। इससे भारत के पूर्वोत्तर इलाके तक चीन की पहुंच आसान हो सकती है। बता दें कि करीब ढाई महीने तक चली तनातनी ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के मद्दनजर खत्म होने जा रही है। ब्रिक्स सम्मेलन चीन के जियामेन शहर में होने जा रहा है जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 3 से 5 सितंबर तक शिरकत करेंगे। मोदी समेत ब्राजील,रूस, चीन और दक्षिण अफ्रीका के शासनाध्यक्ष भी इस शिखर सम्मेलन में शामिल होंगे।

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