December 07, 2016

ताज़ा खबर

 

227 साल में केवल एक बार लोकप्रिय वोट से नहीं हो सका है फैसला, जानें कैसे चुना जाता है अमेरिका का राष्ट्रपति

8 नवंबर को अमेरिका के 50 राज्यों और डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया के मतदाता वोट देंगे।

सेंट लुइस के वॉशिंगटन विश्वविद्यालय में दूसरे अमेरिकी राष्ट्रपति बहस के बाद एक-दूसरे से हाथ मिलाते अमेरिकी राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन।(REUTERS/Lucy Nicholson/10 Oct, 2016/File)

अमेरिका के राष्ट्रपति बनने की दौड़ में शामिल उम्मीदवारों की खबरें आप रोज पढ़ते होंगे। रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार हिलैरी क्लिंटन के बीच हुई बहसों ने पूरी दुनिया में सुर्खियां बटोरीं। अमेरिकी चुनाव में ट्रंप या हिलेरी में कोई एक ही जीतेगा क्योंकि दोनों देश की दो सबसे बड़ी पार्टियों के उम्मीदवार हैं। लेकिन कई अन्य पार्टियों के उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में हैं मसलन गैरी जॉनसन (लिबरटैरियन पार्टी) और जिल स्टीन (ग्रीन पार्टी) इत्यादि। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में 18 साल या इससे अधिक उम्र का अमेरिकी वोट दे सकता है। 8 नवंबर को अमेरिका के 50 राज्यों और डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया के मतदाता वोट देंगे। अमेरिकी चुनाव में आम जनता के मत को “लोकप्रिय वोट” कहते हैं। आइए हम आपको बताते हैं कि कैसे चुना जाता है अमेरिका का राष्ट्रपति।

कौन चुनेगा राष्ट्रपति? आम धारणा के उलट अमेरिकी जनता सीधे राष्ट्रपति को चुनाव नहीं करती। अमेरिकी मतदाता 8 नवंबर को अपने पसंदीदा राष्ट्रपति उम्मीदवार को वोट देते हैं। जिस उम्मीदवार को जिस अमेरिकी राज्य में सर्वाधिक वोट मिलेंगे उस राज्य के सभी इलेक्टर उसे मिल जाएंगे। यानी हर राज्य से किसी राष्ट्रपति पद के किसी एक उम्मीदवार को सारे इलेक्टर मिलते हैं। इसके बाद सभी राज्यों से चुने हुए इलेक्टर राष्ट्रपति चुनते हैं।  चूंकि लोकप्रिय वोटों की गिनती के साथ ही पता चल जाता है कि किस उम्मीदवार के पास कितने इलेक्टर हैं इसलिए ये साफ हो जाता है कि राष्ट्रपति कौन बनेगा लेकिन आधिकारिक तौर पर कोई उम्मीदवार राष्ट्रपति इलेक्टरों के मतदान के बाद ही बन पाता है।

वीडियो: जानिए अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव से जुड़ी हर बात- 

इलेक्टरों की संख्या कैसे तय होती है? अमेरिका के 50 राज्यों और डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया के कुल 538 सदस्यों से इलेक्टर कॉलेज बनता है। इलेक्टर की संख्या हर राज्य के सांसदों के समानुपाती होती है। अमेरिका में हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के 435 (जनसंख्या के आधार पर 1911 में निर्धारित की गई थीं) सदस्य हैं। सीनेट के 100 (हर राज्य का दो) सदस्य और डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया के तीन। इस अनुपात में कुल 538 इलेक्टर चुने जाते हैं।

कौन हैं इलेक्टर? इलेक्टर राजनीतिक पार्टियों के सदस्य होते हैं। कोई सीनेटर या रिप्रजेंटेटिव या किसी भी सरकारी लाभ के पद पर आसीन व्यक्ति इलेक्टर नहीं बन सकता। हर पार्टी हर राज्य के लिए अपने इलेक्टर चुनती है। मसलन, इलिनॉय राज्य में डेमोक्रेटिक पार्टी के 20 इलेक्टर हैं और रिपब्लिकन के 20 और इसी तरह बाकी पार्टियों के।

Read Also: ट्रंप उस चीज को निशाना बना रहे हैं जिसने 240 सालों से US को सबसे जुदा देश बनाए रखा हैः हिलेरी

इलेक्टर कैसे चुने जाते हैं? हर पार्टी चुनाव से पहले संभावित इलेक्टर चुनती है। हर राज्य में इलेक्टर चुनने की प्रक्रिया अलग-अलग होती है। हालांकि डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टी जैसी पार्टियां या तो पार्टी की राज्य इकाई द्वारा नामित किए जाते हैं या पार्टी की केंद्रीय कमेटी उनका चुनाव करती है।

इलेक्टर कब चुनेंगे राष्ट्रपति? 18 दिसंबर को सभी इलेक्टर अपने-अपने राज्यों में वोट देंगे। जनवरी, 2017 में इलेक्टरों के वोट गिने जाएंगे। और 20 जनवरी 2017 को अमेरिका के नए राष्ट्रपति शपथ ग्रहण करेंगे।  अमेरिका में कुल 538 इलेक्टर हैं। राष्ट्रपति पद का चुनाव जीतने के लिए उम्मीदवार को कुल इलेक्टरों के आधे से अधिक वोट हासिल करने होते हैं।

अगर किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला तो? अगर किसी प्रत्याशी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव शीर्ष तीन प्रत्याशियों में से राष्ट्रपति का चुनाव करते हैं। सीनेट शीर्ष दो प्रत्याशियों में से उप-राष्ट्रपति का चुनाव करती है। अमेरिकी इतिहास में अभी तक केवल एक बार हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव ने राष्ट्रपति चुना है। 1824 में क्विंकी एडम्स इस तरह राष्ट्रपति चुने गए थे।

Read Also: ट्रंप ने कहा- मीडिया की ‘बेईमानी’ के बगैर कुछ भी नहीं हैं हिलेरी

क्या ज्यादा लोकप्रिय वोट पाने वाला प्रत्याशी हार भी सकता है? चूंकि अमेरिकी जनता सीधे राष्ट्रपति पद का चुनाव नहीं करती इसलिए जरूरी नहीं है कि ज्यादा लोकप्रिय वोट पाने वाला उम्मीदवार ही राष्ट्रपति बने। अगर किसी प्रत्याशी को किसी छोटे राज्य में जीत मिली है लेकिन बड़े राज्य में हार तो उसके मिलने वाले इलेक्टरों की संख्या कम हो जाएगी। इस तरह वो ज्यादा वोट पाने के बाद भी हार सकता है। मसलन, अगर कोई प्रत्याशी कैलिफोर्निया में चुनाव जीत जाता है तो उसे वहां के कुल 55 इलेक्टर मिल जाएंगे।

अमेरिकी इतिहास में अभी तक केवल चार बार ऐसा हुआ है कि कम लोकप्रिय वोट पाने वाला उम्मीदवार राष्ट्रपति बना। सबसे ताजा मामला साल 2000 का है जब जॉर्ज बुश ने अल गोर को कम वोट मिलने के बावजूद हरा दिया था क्योंकि उनके पास ज्यादा इलेक्टर थे।

Read Also: भारतीय मूल के बॉबी जिंदल, निकी हेली भी हो चुके ट्रंप के अपमान का शिकार

Hindi News से जुड़े अपडेट और व्‍यूज लगातार हासिल करने के लिए हमारे साथ फेसबुक पेज और ट्विटर हैंडल के साथ गूगल प्लस पर जुड़ें और डाउनलोड करें Hindi News App

First Published on October 26, 2016 11:20 am

सबरंग