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डोनाल्ड ट्रंप आज लेगें शपथ, जानें कैसे चुना जाता है अमेरिका का राष्ट्रपति

रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति पद का चुनाव जीते थे। वह आज यानी 20 जनवरी को शपथ लेंगे।
अमेरिकी चुनाव में ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी की हिलेरी क्लिंटन के अलावा कई अन्य पार्टियों के उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में थे।

अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव की खबरें आपने पिछले दिनों खूब पढ़ी होंगी। रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप अमेरिका के राष्ट्रपति पद का चुनाव जीते थे। वह आज यानी 20 जनवरी को शपथ लेंगे। अमेरिकी चुनाव में ट्रंप और डेमोक्रेटिक पार्टी की हिलेरी क्लिंटन के अलावा कई अन्य पार्टियों के उम्मीदवार भी चुनाव मैदान में थे। मसलन गैरी जॉनसन (लिबरटैरियन पार्टी) और जिल स्टीन (ग्रीन पार्टी) इत्यादि। अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में 18 साल या इससे अधिक उम्र का अमेरिकी वोट दे सकता है। 8 नवंबर को अमेरिका के 50 राज्यों और डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया के मतदाता ने वोट दिया। अमेरिकी चुनाव में आम जनता के मत को “लोकप्रिय वोट” कहते हैं। आइए हम आपको बताते हैं कि कैसे चुना जाता है अमेरिका का राष्ट्रपति।

कौन चुनेगा राष्ट्रपति? आम धारणा के उलट अमेरिकी जनता सीधे राष्ट्रपति को चुनाव नहीं करती। अमेरिकी मतदाता 8 नवंबर को अपने पसंदीदा राष्ट्रपति उम्मीदवार को वोट देते हैं। जिस उम्मीदवार को जिस अमेरिकी राज्य में सर्वाधिक वोट मिलेंगे उस राज्य के सभी इलेक्टर उसे मिल जाएंगे। यानी हर राज्य से किसी राष्ट्रपति पद के किसी एक उम्मीदवार को सारे इलेक्टर मिलते हैं। इसके बाद सभी राज्यों से चुने हुए इलेक्टर राष्ट्रपति चुनते हैं।  चूंकि लोकप्रिय वोटों की गिनती के साथ ही पता चल जाता है कि किस उम्मीदवार के पास कितने इलेक्टर हैं इसलिए ये साफ हो जाता है कि राष्ट्रपति कौन बनेगा लेकिन आधिकारिक तौर पर कोई उम्मीदवार राष्ट्रपति इलेक्टरों के मतदान के बाद ही बन पाता है।

वीडियो: जानिए अमेरिका के राष्ट्रपति चुनाव से जुड़ी हर बात- 

इलेक्टरों की संख्या कैसे तय होती है? अमेरिका के0 राज्यों 5 और डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया के कुल 538 सदस्यों से इलेक्टर कॉलेज बनता है। इलेक्टर की संख्या हर राज्य के सांसदों के समानुपाती होती है। अमेरिका में हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव के 435 (जनसंख्या के आधार पर 1911 में निर्धारित की गई थीं) सदस्य हैं। सीनेट के 100 (हर राज्य का दो) सदस्य और डिस्ट्रिक्ट ऑफ कोलंबिया के तीन। इस अनुपात में कुल 538 इलेक्टर चुने जाते हैं।

कौन हैं इलेक्टर? इलेक्टर राजनीतिक पार्टियों के सदस्य होते हैं। कोई सीनेटर या रिप्रजेंटेटिव या किसी भी सरकारी लाभ के पद पर आसीन व्यक्ति इलेक्टर नहीं बन सकता। हर पार्टी हर राज्य के लिए अपने इलेक्टर चुनती है। मसलन, इलिनॉय राज्य में डेमोक्रेटिक पार्टी के 20 इलेक्टर हैं और रिपब्लिकन के 20 और इसी तरह बाकी पार्टियों के।

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इलेक्टर कैसे चुने जाते हैं? हर पार्टी चुनाव से पहले संभावित इलेक्टर चुनती है। हर राज्य में इलेक्टर चुनने की प्रक्रिया अलग-अलग होती है। हालांकि डेमोक्रेटिक और रिपब्लिकन पार्टी जैसी पार्टियां या तो पार्टी की राज्य इकाई द्वारा नामित किए जाते हैं या पार्टी की केंद्रीय कमेटी उनका चुनाव करती है।

अगर किसी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिला तो? अगर किसी प्रत्याशी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिलता है तो हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव शीर्ष तीन प्रत्याशियों में से राष्ट्रपति का चुनाव करते हैं। सीनेट शीर्ष दो प्रत्याशियों में से उप-राष्ट्रपति का चुनाव करती है। अमेरिकी इतिहास में अभी तक केवल एक बार हाउस ऑफ रिप्रजेंटेटिव ने राष्ट्रपति चुना है। 1824 में क्विंकी एडम्स इस तरह राष्ट्रपति चुने गए थे।

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क्या ज्यादा लोकप्रिय वोट पाने वाला प्रत्याशी हार भी सकता है? चूंकि अमेरिकी जनता सीधे राष्ट्रपति पद का चुनाव नहीं करती इसलिए जरूरी नहीं है कि ज्यादा लोकप्रिय वोट पाने वाला उम्मीदवार ही राष्ट्रपति बने। अगर किसी प्रत्याशी को किसी छोटे राज्य में जीत मिली है लेकिन बड़े राज्य में हार तो उसके मिलने वाले इलेक्टरों की संख्या कम हो जाएगी। इस तरह वो ज्यादा वोट पाने के बाद भी हार सकता है। मसलन, अगर कोई प्रत्याशी कैलिफोर्निया में चुनाव जीत जाता है तो उसे वहां के कुल 55 इलेक्टर मिल जाएंगे।

अमेरिकी इतिहास में अभी तक केवल चार बार ऐसा हुआ है कि कम लोकप्रिय वोट पाने वाला उम्मीदवार राष्ट्रपति बना। सबसे ताजा मामला साल 2000 का है जब जॉर्ज बुश ने अल गोर को कम वोट मिलने के बावजूद हरा दिया था क्योंकि उनके पास ज्यादा इलेक्टर थे।

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