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अफगान में स्थिति क्षेत्रीय घटनाक्रम पर निर्भर करती है : अमेरिका

अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई ने कहा था कि देश की स्थिति अमेरिका और पाकिस्तान के हितों के साथ ही दोनों के देशों के भारत के साथ रिश्तों पर निर्भर करती है।
Author वाशिंगटन | October 19, 2016 13:45 pm
नई दिल्ली के हैदराबाद हाउस में अफगानिस्तान के राष्ट्रपति अशरफ गनी और भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक-दूसरे से हाथ मिलाते हुए। (REUTERS/Cathal McNaughton/14 Sep, 2016)

अमेरिका ने माना है कि अफगानिस्तान में क्षेत्रीय घटनाक्रम एक भूमिका निभाता है। इससे पहले अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति हामिद करजई की टिप्पणी आई थी कि देश की स्थिति अमेरिका और पाकिस्तान के हितों के साथ ही दोनों के देशों के भारत के साथ रिश्तों पर निर्भर करती है। विदेश मंत्रालय के उप प्रवक्ता मार्क टोनर ने कल संवाददाताओं से कहा कि जितना आप जानते हैं कि किसी भी देश की आंतरिक स्थिति में क्षेत्रीय घटनाक्रम भूमिका निभाते हैं। इस बात में सच्चाई है, इसलिए हम हमेशा पाकिस्तान पर उन आतंकी समूहों पर कार्रवाई करने का दवाब बनाते हैं जो उनकी भूमि में पनागाह चाहते हैं।

उन्होंने कहा कि हम भारत तथा पाकिस्तान को और वार्ता करने के लिए उत्साहित कर रहे हैं जिससे हमें यकीन है कि क्षेत्र में तनाव घटेगा। हमने देखा है कि भारत अफगानिस्तान के संबंध में ज्यादा सहायक भूमिका निभाता है और अफगानिस्तान सरकार की सहायता करता है।
टोनर ने कहा कि अफगानिस्तान में संघर्ष में कई विभिन्न क्षेत्रीय घटनाक्रम हैं जो इसमें भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि यह तथ्यों का मामला है।

उप प्रवक्ता ने कहा कि हमारा लक्ष्य अफगानिस्तान की सेना की सहायता करना जारी रखना है क्योंकि इससे तालिबान के खिलाफ लड़ाई में वह आगे बढ़ेगी और अर्थव्यवस्था तथा लोकतांत्रिक व्यवस्था में बहुत आवश्यक सुधार भी होंगे।  उन्होंने कहा कि अमेरिका अफगानिस्तान नीत और अफगानिस्तान की अपनी शांति प्रक्रिया का समर्थन करता है। टोनर करजई के नए बयान पर पूछे गए सवाल का जवाब दे रहे थे जिसमें अफगानिस्तान के पूर्व राष्ट्रपति ने कहा था कि अमेरिका औरपाकिस्तान के साथ हित तथा दोनों देशों के भारत के रिश्ते संघर्षरत अफगानिस्तान में घटनाक्रम निर्धारित करते हैं।

इससे पहले अफगानिस्तान के राजदूत ये कह चुके हैं कि राजनीतिक उद्देश्यों की प्राप्ति के लिए हिंसा का इस्तेमाल करने की पाकिस्तान की नीति की वजह से इसके और इसके पड़ोसी देशों के बीच ‘विश्वास की कमी’ है। राजदूत ने कहा कि भारत-पाक के बीच चल रहे दुर्भाग्यपूर्ण तनाव का अंत होना चाहिए। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ अफगानिस्तान के स्थायी प्रतिनिधि, राजदूत महमूद सैकल ने कहा, ‘पाकिस्तान और इसके पड़ोसी देशों के बीच लंबे समय से विश्वास की कमी रही है और उसका विकास हो रहा है।’

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