December 06, 2016

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‘चीन से मुकाबले के लिए ट्रंप के तहत अमेरिका बनाएगा बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली’

ग्रे ने कहा, ‘हमारी सेना के पुनिर्निर्माण की ट्रंप की योजना एक सच्चा राष्ट्रीय प्रयास है और कोलराडो से अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा में अग्रणी योगदानकर्ता के रूप में पारंपरिक भूमिका निभाने को कहा जाएगा।’

Author वॉशिंगटन | October 31, 2016 20:22 pm
रिपब्लिकन पार्टी से राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रम्प। (AP File Photo)

अमेरिकी राष्ट्रपति पद के रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के एक रक्षा सलाहकार ने कहा है कि ट्रंप के सत्ता में आने पर उनका प्रशासन चीन की बढ़ती ताकत के मद्देनजर समग्र बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली निर्मित करेगा जिसका जोर अंतरिक्ष आधारित पूर्व चेतावनी तथा मिसाइलों को नष्ट करने वाली प्रौद्योगिकियों पर होगा। ट्रंप के वरिष्ठ रक्षा सलाहाकार एलेक्जेंडर ग्रे ने ट्रंप के प्रचार अभियान को दिए एक ज्ञापन में कहा, ‘ट्रंप प्रशासन के तहत अमेरिका एक समग्र बैलिस्टिक मिसाइल रक्षा प्रणाली निर्मित करेगा जिसका जोर अंतरिक्ष आधारित पूर्व चेतावनी तथा मिसाइलों का पता लगाने वाली प्रौद्योगिकियों पर होगा।’ ट्रंप के कोलराडो में एक चुनावी रैली को संबोधित करने के साथ ही ज्ञापन प्रेस को जारी किया गया जहां वायुसेना अंतरिक्ष कमान का केंद्र है। ग्रे ने कहा, ‘हमारी सेना के पुनिर्निर्माण की ट्रंप की योजना एक सच्चा राष्ट्रीय प्रयास है और कोलराडो से अमेरिकी राष्ट्रीय सुरक्षा में अग्रणी योगदानकर्ता के रूप में पारंपरिक भूमिका निभाने को कहा जाएगा।’

उन्होंने कहा, ‘हमारे राष्ट्र के अधिकांश मिसाइल रक्षा एवं पूर्व चेतावनी प्रयासों का सीधा नेतृत्व कोलराडो आधारित वायुसेना अंतरिक्ष कमान से किया जाएगा जो ईरान और उत्तर कोरिया जैसे दुष्ट राष्ट्रों से बढ़ रहे बैलिस्टिक मिसाइल प्रसार के खतरे से अमेरिकी भूमि की रक्षा करने में एक सच्चा क्रांतिकारी निवेश होगा।’ ज्ञापन में कहा गया कि ट्रंप की अन्य योजनाओं में 1,200 आधुनिक विमान बनाने की दिशा में लड़ाकू विमानों की संख्या में अच्छी खासी बढ़ोतरी करना भी शामिल है क्योंकि यह विश्व में बढ़ रहे खतरों के मद्देनर आवश्यक है। कोलराडो से शीर्ष सांसद डोउग लैबोर्न ने ज्ञापन का स्वागत किया। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि ओबामा प्रशासन ने अमेरिकी सेना की असल आवश्यकताओं की अनदेखी करने का विकल्प चुना है। इसमें कहा गया कि परिणामस्वरूप विश्वभर में प्रतिस्पर्द्धियों तथा संभावित प्रतिस्पर्द्धी अपनी क्षमताओं के अनुरूप संबंधित क्षेत्र में भारी निवेश कर रहे हैं। ग्रे ने कहा, ‘चीन ने उपग्रह भेदी हथियारों का परीक्षण किया है जो कक्षा में घूमते अमेरिकी सेना के उपग्रहों को निशाना बनाने में सक्षम है और हाइपरसोनिक हथियार अमेरिकी भूमि पर मिनटों में पहुंच सकते हैं तथा मौजूदा मिसाइल रक्षा प्रणालियों को धता बता सकते हैं।’ ज्ञापन में कहा गया कि रूस और ईरान अपने सैन्य अंतरिक्ष कार्यक्रमों को विस्तारित कर रहे हैं और यहां तक कि उत्तर कोरिया से भी खतरा है।

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First Published on October 31, 2016 8:22 pm

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