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एयर एशिया हादसा: जावा समुद्री क्षेत्र में मिला विमान का पिछला हिस्सा

एयर एशिया के दुर्घटनाग्रस्त विमान का पिछला हिस्सा (टेल सेक्शन) आज जावा सागर में मिला, जिससे यह संभावना प्रबल हो गई कि विमान का ब्लैक बॉक्स हासिल करने में बड़ी सफलता मिल सकती है। इंडोनेशिया के खोज एवं राहत अभियान के प्रमुख बाम्बांग सोइलिस्तयो ने जकार्ता में संवाददाताओं को बताया, ‘‘मैं इसकी पुष्टि कर सकता […]
Author January 7, 2015 17:42 pm
AirAsia 28 दिसंबर को इंडोनेशिया के सुराबाया से सिंगापुर के लिए 162 यात्रियों तथा चालक दल के सदस्यों के साथ जावा सागर में दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। (फ़ोटो-रॉयटर्स)

एयर एशिया के दुर्घटनाग्रस्त विमान का पिछला हिस्सा (टेल सेक्शन) आज जावा सागर में मिला, जिससे यह संभावना प्रबल हो गई कि विमान का ब्लैक बॉक्स हासिल करने में बड़ी सफलता मिल सकती है।

इंडोनेशिया के खोज एवं राहत अभियान के प्रमुख बाम्बांग सोइलिस्तयो ने जकार्ता में संवाददाताओं को बताया, ‘‘मैं इसकी पुष्टि कर सकता हूं कि हमें (विमान का) पिछला हिस्सा मिला है। अब हम ब्लैक बॉक्स ढूंढने का प्रयास कर रहे हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मैं भरोसा दिला सकता हूं कि यह विमान का पिछला हिस्सा है जिस पर एयर एशिया का निशान है।’’ विमान का पिछला हिस्सा उस स्थान से 30 किलोमीटर दूर मिला है जहां विमान से आखिरी बार संपर्क स्थापित हुआ था।

विमान के पिछले हिस्से में ही ब्लैक बॉक्स होते हैं। किसी विमान हादसे की जांच में ब्लैक बॉक्स को अक्सर अहम सबूत माना जाता है क्योंकि वे विमान की रफ्तार, लैंडिंग गियर की स्थिति और पायलट के संवाद के बारे में महत्वपूर्ण सूचनाएं देते हैं। पानी के भीतर इस्तेमाल की जाने वाली एक मशीन से विमान के पिछले हिस्से का पता लगने के बाद गोताखोरों ने इसकी पहचान की।

एयर एशिया की विमान संख्या क्यूजेड 8501 के हादसे का शिकार होने की इस घटना के बाद से अब तक 40 शव बरामद किए गए हैं। विमान में कुल 162 लोग सवार थे। खोजकर्ता बीते 28 दिसंबर को लापता हुए विमान का मलबा खोजने के लिए जावा सागर क्षेत्र में अभियान चला रहे हैं।

एयर एशिया समूह के मुख्य कार्यकारी अधिकारी टोनी फर्नांडीज ने अपने ट्विटर एकाउंट पर एक पोस्ट लिखकर इस घोषणा की पुष्टि की। उन्होंने ट्वीट किया कि उन्हें पता चला है कि विमान का पिछला हिस्सा मिला है। अगर पिछले हिस्से का सही भाग मिला है तो उसमें ब्लैक बॉक्स होना चाहिए।

अधिकारी ने कहा, ‘‘हमें जल्द ही सभी भागों को खोजना है ताकि हम परिजन की पीड़ा कम करने के लिए सभी यात्रियों का पता लगा सकें। यह अब भी हमारी प्राथमिकता है।’’

मलेशियाई नौसेना के प्रमुख अब्दुल अजीज जाफर ने कहा कि जावा सागर में खोज एवं बचाव कार्य का दायरा आज बढ़ा दिया गया है। पानी के अंदर तेज धारा होने और क्षीण दृष्यता की वजह से कल गोताखोरों को सागर तल में उस क्षेत्र में शवों तथा मलबे की तलाश करने में मुश्किल हुई जहां विमान दुर्घटनाग्रस्त हुआ था।

हादसे का कारण अभी पता नहीं चला है लेकिन विमान हादसे के समय खराब मौसम वाले इलाके से गुजर रहा था और उसने मार्ग बदलने की अनुमति मांगी थी। इंडोनेशियाई विमानन अधिकारियों ने कहा कि एयर एशिया को हादसे वाले दिन सुरबाया-सिंगापुर हवाई मार्ग पर उड़ने की अनुमति नहीं थी।

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  1. Rekha Parmar
    Jan 7, 2015 at 1:20 pm
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    1. Rekha Parmar
      Jan 7, 2015 at 1:19 pm
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