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ब्रेक्जिट पर दूसरा जनमत संग्रह कराने में कोई अड़चन नहीं: लॉर्ड बिलिमोरिया

अनुच्छेद 50 (ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर होने की शुरुआत करने की प्रक्रिया) को तब तक लागू नहीं किया जा सकता जब तक कि संसद इस पर वोट नहीं करती।
Author लंदन | July 7, 2016 17:38 pm
लंदन के एक स्ट्रीट पर गिरा ब्रिटेन का झंडा। (REUTERS/Reinhard Krause/File)

लॉर्ड करन बिलिमोरिया ने कहा है कि इस बारे में दूसरा जनमत संग्रह कराने में कोई कानूनी अड़चन नहीं है कि ब्रिटेन को यूरोपीय संघ (ईयू) से बाहर निकलना चाहिए या नहीं। उन्होंने कहा कि अनुच्छेद 50 तब तक लागू नहीं किया जा सकता जब तक कि संसद इस पर मतदान नहीं करती।

कोबरा बीयर्स के संस्थापक अध्यक्ष ने यूरोपीय संघ जनमत संग्रह के परिणाम पर चर्चा के दौरान हाउस ऑफ लॉर्ड्स में कहा, ‘24 जून को हुआ जनमत संग्रह परामर्श था, और हाउस ऑफ कॉमंस में ईयू में बने रहने का समर्थन करने वाले सांसदों की संख्या ईयू से अलग होने का समर्थन करने वाले सांसदों की संख्या से अधिक है जो 3:1 का अनुपात है तथा हाउस ऑफ लॉर्ड्स में यह काफी अधिक है।’

उन्होंने कहा, ‘अब काफी मजबूत मामला है, जैसा कि हमने सुना है, अनुच्छेद 50 (ब्रिटेन के यूरोपीय संघ से बाहर होने की शुरुआत करने की प्रक्रिया) को तब तक लागू नहीं किया जा सकता जब तक कि संसद इस पर वोट नहीं करती। यहां झूठ, कपट, धोखे और उत्पात के साथ गोरखधंधा हुआ है, क्या एक जिम्मेदार संसद इस तरह के कमजोर आधार पर निर्मित 52:48 के जनमत संग्रह परिणाम की पुष्टि करेगी?’

यह उल्लेख करते हुए कि जनमत संग्रह का परिणाम दो तिहाई बहुमत पर आधारित होना चाहिए, लॉर्ड बिलिमोरिया ने कहा कि इस बात को किसी ने नहीं उठाया। तय अवधि वाली संसद को बदलने के लिए दो तिहाई बहुमत की आवश्यकता होती है। संविधान को बदलने के लिए आपको दो तिहाई बहुमत चाहिए। तब कोई ठोस परिणाम आएगा। उन्होंने कहा कि विपक्ष की बात करें तो जेरेमी कोरबिन (विपक्षी नेता) नेता के रूप में पूरी तरह बेकार रहे हैं और जनमत संग्रह में उनकी भूमिका दयनीय थी।

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