December 09, 2016

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पाक उच्चायोग के 16 और लोग भी जासूसी में शामिल

अपराध शाखा की टीमें राजस्थान में छापेमारी कर रही हैं ताकि उन स्थानीय लोगों को पकड़ा जा सके जो अख्तर को गोपनीय दस्तावेज और सूचना मुहैया करा रहे थे।

Author नई दिल्ली | November 2, 2016 04:13 am
प्रतिकात्मक पिक्चर।

भारत की ओर से जासूसी के लिए हाल में निष्कासित पाकिस्तानी उच्चायोग कर्मचारी ने 16 अन्य ‘कर्मचारियों’ के नाम लिए हैं जो कथित तौर पर जासूसी गिरोह में शामिल थे। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मंगलवार को बताया कि दिल्ली पुलिस और गुप्तचर एजंसियों की ओर से निष्कासित पाकिस्तानी उच्चायोग के कर्मचारी महमूद अख्तर से की गई साझा पूछताछ में उसने दावा किया कि उच्चायोग के 16 अन्य कर्मचारी सेना और बीएसएफ की तैनाती संबंधी संवेदनशील सूचना व दस्तावेज निकलवाने के लिए जासूसों के संपर्क में हैं।

अधिकारी  ने कहा कि उसके दावों की अभी जांच की जा रही है और यदि ये सही पाए गए तो पुलिस मामले को आगे बढ़ाने के लिए विदेश मंत्रालय को पत्र लिख सकती है। अपराध शाखा की टीमें राजस्थान में छापेमारी कर रही हैं ताकि उन स्थानीय लोगों को पकड़ा जा सके जो अख्तर को गोपनीय दस्तावेज और सूचना मुहैया करा रहे थे। अख्तर कथित तौर पर जासूसी गिरोह चला रहा था।

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सूत्रों ने कहा कि अपराध शाखा की दो टीमें अन्य गिरफ्तार आरोपियों मौलाना रमजान, सुभाष जांगिड़ और शोएब के साथ राजस्थान में हैं ताकि उन अर्द्धसैनिक कर्मियों के बारे में जानकारी हासिल की जा सके जो उन्हें सूचना लीक करने में शामिल हो सकते हैं। अधिकारी के मुताबिक राजस्थान में दो लोगों को हिरासत में लिया गया है और उनसे पूछताछ की जा रही है।

उन्होंने कहा, ‘संदेह है कि कुछ सेवानिवृत्त अधिकारी गिरफ्तार जासूसों के संपर्क में थे।’ सपा के राज्यसभा सांसद मुनव्वर सलीम के निजी सहायक फरहत खान को पिछले हफ्ते जासूसी गिरोह के सिलसिले में गिरफ्तार किया गया था। पाकिस्तानी उच्चायोग कर्मचारी अख्तर 26 अक्तूबर को गोपनीय दस्तावेज हासिल करते हुए पकड़ा गया था।अख्तर के साथ राजस्थान के नागौर निवासी रमजान और जांगिड़ भी पकड़े गए थे। अन्य आरोपी शोएब को जोधपुर में हिरासत में लिया गया था और पुलिस उसे दिल्ली लेकर आई थी जहां उसे गिरफ्तार कर लिया गया था।.

 

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First Published on November 2, 2016 4:12 am

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