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Friday, 09 November 2012 09:28 |
जनसत्ता संवाददाता नई दिल्ली । दिल्ली मंत्रिमंडल ने राजधानी के ऊपर जारी कोहरे पर चिंता व्यक्त की है।
मंत्रिमंडल ने पर्यावरण सचिव से इसके कारण और राजधानी में इसके प्रभाव की जानकारी देने को कहा। बैठक में मौजूद पर्यावरण सचिव ने बताया कि हवा की धीमी गति, कम तापमान और अधिक उमस मुख्य कारण हैं। अधिक कोहरा बना हुआ है और नाइट्रोजन आक्साइड के प्रदूषक तत्वों का जमावड़ा इस वजह से हट नहीं रहा। इसके अलावा पंजाब, हरियाणा और उत्तरप्रदेश के खेतों में चावल के भूसे और तीलों को जलाने से धुंध बढ़ी है। हवा की गति में तेजी आने से कोहरा छटक जाएगा। यह भी बताया गया कि दिल्ली में वायु प्रदूषण के स्रोतों में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई जो कि पिछले साल की तरह ही है। दिल्ली में वायु प्रदूषण के नियम कड़े हैं। इसके अलावा बिजली की स्थिति में सुधार से जनरेटर से निकलने वाला धुआं भी नियंत्रण में है। अत: ऐसा कोई कारण नहीं है जिससे वायु की गुणवत्ता में खराबी आई हो। दिल्ली से सभी प्रदूषक उद्योग एनसीआर भेज दिए गए हैं। पर्यावरण विभाग ने विभिन्न वायु प्रदूषक तत्वों और
वायु प्रदूषण में उनके योगदान व वायु की गुणवत्ता में सुधार के उपायों का सुझाव देने के लिए व्यापक स्रोत निर्धारण अध्ययन कराने का फैसला किया है। यह अध्ययन आईआईटी कानपुर को दिया गया है। इसके अलावा दिल्ली प्रदूषण नियंत्रण समिति ने वायु निगरानी केंद्र स्थापित किए हैं जिनके आंकड़ें नेट पर हैं। समिति पड़ोसी राज्यों के वायु प्रदूषक तत्वों का आकलन करने में सक्षम नहीं है। मंत्रिमंडल ने पर्यावरण विभाग से केंद्रीय वन और पर्यावरण मंत्रालय और एनसीआर योजना बोर्ड के साथ यह मुद्दा उठाने को कहा है। केंद्रीय मंत्रालय से प्रदूषण के स्रोतों और इसके दिल्ली की तरफ प्रवाह का अध्ययन करने को कहा जाएगा। दीक्षित ने उत्तरप्रदेश और हरियाणा सरकारों से आग्रह किया है कि वे एक्सप्रेस वे का निर्माण पूरा करें ताकि दिल्ली में नहीं आने वाले वाहन दिल्ली में आए बगैर अपने गंतव्य तक पहुंच सके। इसके अलावा परिवहन विभाग और पुलिस से दिल्ली की सीमा पर बाहर से आने वाले वाहनों की प्रदूषण जांच के लिए विशेष अभियान चलाने को कहा गया है। सरकार ने दीवाली के दौरान पटाखे नहीं चलाने के लिए समाचार-पत्रों और एफएम रेडियो पर अभियान शुरू किया है।
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