|
Sunday, 17 March 2013 12:36 |
चेन्नई (भाषा)। श्रीलंकाई तमिलों के मुद्दे को लेकर केंद्र की संप्रग सरकार से समर्थन वापस लेने की धमकी देने वाले घटक दल द्रमुक को शांत करने के प्रयासों के तहत वित्त मंत्री पी चिदम्बरम ने कहा है कि यदि वर्ष 2009 के कथित युद्ध अपराधों की स्वतंत्र और विश्वसनीय जांच करानी है तो भारत को संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में श्रीलंका के खिलाफ अमेरिकी प्रस्ताव का समर्थन करना चाहिए।
चिदम्बरम ने कहा, ‘‘ मेरी भावनाएं , आपकी भावनाएं और सभी तमिलों की भावनाएं यही हैं कि यदि प्रस्ताव में इस प्रकार की मांग होती है तो भारत को समर्थन करना चाहिए और इसके पक्ष में मतदान करना चाहिए।’’ उन्होंने साथ ही उम्मीद जतायी कि ‘‘अच्छी खबर ’’ मिलेगी और लोगों को 22 मार्च तक इंतजार करना चाहिए
। उसी दिन संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद में मतदान होगा। स्थानीय कांग्रेस द्वारा उनके गृह जिले कैराईकुडी में बीती देर रात आयोजित बैठक में चिदम्बरम ने कहा, ‘‘ अच्छी खबर आएगी । तब तक धैर्य रखें । मुझे विश्वास है और मैं आपको यह सकारात्मक संदेश देता हूं । आप इस सकारात्मक संदेश को 22 मार्च तक सभी लोगों तक पहुंचाएं।’’ कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और कैबिनेट मंत्री के रूप में चिदम्बरम के इस पहले बयान को काफी महत्पवूर्ण माना जा रहा है । दो दिन पहले ही द्रमुक प्रमुख एम करूणानिधि ने धमकी दी थी कि यदि भारत ने युद्ध अपराधों की स्वतंत्र जांच कराने के लिए परिषद में अमेरिकी प्रस्ताव में संशोधनों के लिए दबाव नहीं डाला तो वह सरकार से समर्थन वापस ले लेंगे ।
|