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Wednesday, 13 March 2013 14:36 |
मुंबई । बंबई उच्च न्यायालय ने महाराष्ट्र ओबीसी फाइनेंस एंड डेवलपमेंट कार्पोरेशन के जिला प्रबंधक किशोर महास्के का मुंबई से रायगढ़ तबादला करने के आदेश को रद्द करते हुए कहा है कि मध्यावधि या समय से पहले स्थानांतरण का तर्कसंगत लिखित कारण दिया जाना चाहिए।
न्यायमूर्ति अभय ओक के नेतृत्व वाली पीठ ने अपने आदेश में कहा, ‘’ किसी व्यक्ति का मध्यावधि या समय से पहले तबादला किए जाने के असाधारण कारणों को लिखित में देना चाहिए। ‘प्रशासनिक आधार’ जैसे अस्पष्ट और अनिश्चित कारणों को उपयुक्त और विवकेपूर्ण नहीं माना जा सकता।’’ अदालत ने कहा, ‘‘मध्यावधि या समय से पहले तबादला कानून के अनुसार ही होना चाहिए और इसका तर्कसंगत कारण लिखित में दिया जाना चाहिए। इस तरह के तबादले के आदेश के
लिए संबंधित सक्षम अधिकारी की पूर्व अनुमति आवश्यक है।’’ किशोर ने याचिका दायर करके दावा किया था कि उसे 2011 में मुंबई भेजा गया था और नियमानुसार तीन साल तक उसका तबादला नहीं हो सकता था लेकिन उसे गत वर्ष 30 मई को तबादले का आदेश दे दिया गया। याचिकाकर्ता ने कहा कि उसके तबादले के लिए सक्षम अधिकारी से पूर्व अनुमति भी नहीं ली गई और उसके स्थानांतरण का कोई उचित कारण भी नहीं बताया गया। किशोर ने कहा कि उन्हें आशंका है कि अगले वर्ष सेवानिवृत्त हो रहे रायगढ के जिला प्रबंधक अनिल मुरार मुंबई में तबादला चाहते थे। इसी कारण उसका तबादला रायगढ़ कर दिया गया। अदालत ने याचिका पर सुनवाई के बाद किशोर के तबादले के आदेश को रद्द कर दिया। (भाषा)
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Last Updated on Wednesday, 13 March 2013 14:56 |