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Thursday, 08 November 2012 15:28 |
नई दिल्ली। इंग्लैंड से पिछले साल की शर्मनाक हार का बदला लेने के लिये स्पिन आक्रमण का सहारा लेने की तैयारियों में जुटा भारत इससे पहले भी धीमी गति के गेंदबाजों के दम पर ही अपने इस प्रतिद्वंद्वी को घरेलू सरजमीं पर हरा पाया।
भारत और इंग्लैंड के बीच भारतीय सरजमीं पर अभी तक 12 टेस्ट श्रृंखलाएं खेली गयी हैं। इनमें से छह में भारत ने जीत दर्ज की है। दिलचस्प तथ्य यह है कि इन सभी में उसके स्पिन गेंदबाजों का प्रदर्शन अच्छा रहा। महेंद्र सिंह धोनी की अगुवाई में टीम अब फिर से स्पिन आक्रमण के सहारे पिछले साल की 0-4 की हार का बदला चुकता करने की कोशिश करेगी। भारत ने हरभजन सिंह, आर अश्विन और प्रज्ञान ओझा के रूप में तीन
विशेषज्ञ स्पिनर टीम में रखे हैं। इनके अलावा युवराज सिंह बायें हाथ के उपयोगी स्पिनर हैं जबकि जरूरत पड़ने पर वीरेंद्र सहवाग और सचिन तेंदुलकर भी स्पिन गेंदबाजी कर सकते हैं। कई अवसरों पर भारत के कामचलाउच्च् स्पिनर भी इंग्लैंड के बल्लेबाजों पर भारी पड़े हैं। इंग्लैंड का स्पिन गेंदबाजी के सामने रिकार्ड अच्छा नहीं रहा है और भारतीय दौरे में हर बार उसकी यह सबसे बड़ी कमजोरी साबित हुई है। भारत ने पहली बार इंग्लैंड से अपनी सरजमीं पर टेस्ट श्रृंखला 1961 . 62 में जीती थी। पांच टेस्ट मैचों की इस श्रृंखला में भारत ने सलीम दुर्रानी : 23 विकेट :, चंदू बोर्डे : 16 विकेट : और सुभाष गुप्ते : दो मैच में सात विकेट : के दम पर 2-0 से जीत दर्ज की थी।
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