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Thursday, 08 November 2012 14:17 |
हैदराबाद। खिलाड़ी से राजनीतिज्ञ बने मोहम्मद अजहरूद्दीन के क्रिकेट खेलने पर आजीवन प्रतिबंध लगाये जाने के 12 साल बाद कोर्ट ने आज बीसीसीआई का फैसला खारिज कर दिया।
न्यायमूर्ति आशुतोष मोहंता और न्यायमूर्ति कृष्णा मोहन रेड्डी की पीठ ने स्थानीय अदालत के फैसले के खिलाफ भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान और राजनीतिज्ञ अजहर की अपील मंजूर कर ली । स्थानीय अदालत ने भारतीय क्रिकेट बोर्ड के फैसले को बरकरार रखा था । अजहर के वकील के रमाकांत रेड्डी ने दलील दी थी कि अजहर के खिलाफ कोई सबूत नहीं है कि उसने क्रिकेट खेलने के दिनों में किसी दबाव
के आगे घुटने टेके । अदालत ने यह भी पाया कि बीसीसीआई ने 49 बरस के अजहर के खिलाफ एकतरफा कार्रवाई की है । अजहर पर 2000 में बीसीसीआई की तीन सदस्यीय समिति की सिफारिश पर आजीवन प्रतिबंध लगाया गया था । मैच फिक्सिंग के आरोपों के मद्देनजर बनी समिति में तत्कालीन बोर्ड अध्यक्ष एसी मुथैया, दो उपाध्यक्ष कमल मोरारका और केएम रामप्रसाद थे । अजहर ने 15 बरस के करियर में 334 वनडे और 99 टेस्ट खेले थे । बाद में वह राजनीति के मैदान में आ गए और मुरादाबाद संसदीय क्षेत्र से कांग्रेस के टिकट पर चुनाव जीत कर लोकसभा पहुंच गये।
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Last Updated on Thursday, 08 November 2012 18:11 |