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Thursday, 28 February 2013 18:01 |
नयी दिल्ली (भाषा)। दिल्ली में पिछले साल 16 दिसंबर को चलती बस में 23 वर्षीय लड़की से पांच वयस्कों के साथ बलात्कार करने वाले नाबालिग आरोपी के खिलाफ किशोर न्याय बोर्ड ने सामूहिक बलात्कार और हत्या के आरोप तय करने का आज आदेश दिया।
पीड़िता को इलाज के लिए सिंगापुर ले जाया गया था जहां उसकी 29 दिसंबर को मृत्यु हो गई थी। प्रमुख मजिस्ट्रेट गीतांजलि गोयल ने 17 वर्षीय किशोर के खिलाफ प्रथम दृष्टया सबूत पाकर भारतीय दंड संहिता के विभिन्न प्रावधानों के तहत सामूहिक बलात्कार, हत्या, अपहरण, अप्राकृतिक यौनाचार, हत्या के प्रयास, डकैती, सबूतों को नष्ट करने और साजिश का अभियोग निर्धारित करने का आदेश दिया। इस मामले बोर्ड ने साक्ष्य दर्ज करने के लिए छह मार्च की तारीख तय की है। इससे पहले एक सब्जी विक्रेता को लूटने के एक अन्य मामले में भी किशोर के खिलाफ लूटपाट, कैद करने और सबूतों को नष्ट करने को लेकर अभियोग निर्धारित
किये गए हैं। वह सब्जी विक्रेता बलात्कार पीड़िता और उसके मित्र के उस रात कथित तौर पर किशोर और पांच अन्य वयस्क आरोपियों का शिकार बनने से पहले बस पर चढ़ा था। लूटपाट के मामले में किशोर के खिलाफ 12 मार्च से साक्ष्य दर्ज करने की कार्यवाही शुरू होगी। दप दोनों मामलों में किशोर ने खुद को बेगुनाह बताया और किशोर न्याय बोर्ड द्वारा तय किए गए आरोपों के खिलाफ लड़ने का विकल्प चुना। इससे पहले, पुलिस ने किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष दायर अपनी पीआईआर :पुलिस जांच रिपोर्ट, आरोप पत्र के समान: में किशोर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता के तहत सामूहिक बलात्कार, हत्या, अप्राकृतिक यौनाचार, डकैती, आपराधिक साजिश और सबूतों को नष्ट करने के आरोप लगाए हैं। इस मामले में पांच वयस्क आरोपियों के खिलाफ भी इसी तरह के अभियोग निर्धारित किये गए हैं। इस मामले में मुकदमे की सुनवाई विशेष त्वरित अदालत के बंद कमरे में चल रही है।
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